गैस किल्लत पर विधानसभा में पक्ष-विपक्ष में तीखी नोंक-झोंक, पांच मिनट के लिए स्थगित हुआ सदन

रायपुर। गुरुवार को शून्यकाल के दौरान गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा मचाया और पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोंक-झोंक को देखते हुए आसंदी ने सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव की माँग की, लेकिन आसंदी से स्थगन नहीं मिलने पर विपक्षी सदस्यों ने गर्भगृह में जाकर हंगामा शुरु कर दिया और आसंदी ने विपक्ष के 35 सदस्यों को निलंबित कर दिया।
सदन में गुरुवार को शून्यकाल में चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ। चरण दास महंत ने सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने युद्ध के कारण गैस की कमी नहीं होने का आश्वासन दिया था, लेकिन गैस की $िकल्लत शुरू हो गई है। इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यह मुद्दा राज्य का नहीं है, इसकी चर्चा यहाँ नहीं होनी चाहिए। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मुद्दा भले ही केंद्र का है, लेकिन व्यवस्था तो राज्य सरकार को देनी होगी। राज्य की जनता सफर कर रही है। इसके साथ ही सदन में विपक्ष ने मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा किया। हो-हंगामे के बीच आसंदी ने सदन की कार्यवाही पाँच मिनट के लिए स्थगित की।
पांच मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित होने के बाद दोबारा विधानसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष डॉ। चरण दास महंत ने कहा अजय चंद्राकर के घर खाना बन रहा हैं, ये केंद्र का विषय है। कालाबाजरी हो रही है। लोग सड़कों पर लोग लाइन में गैस के लिए सड़क में खड़े हैं। भूपेश बघेल ने कहा व्यवसायिक गैस तो बंद कर दिया गया है, शादी का सीजन है, आज की स्थिति में बैगर गैस खाना नहीं बन सकता है। हम सभी को गैस सिलेंडर की ज़रूरत है सभी लोग चिंतित हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका प्रभाव है लेकिन हमें अपने राज्य की समस्या पर चर्चा करना चाहिए।







