मुंगेली में पुलिस बल की भारी कमी, कानून-व्यवस्था पर बढ़ता दबाव

प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से अत्यंत संवेदनशील जिलों में शामिल मुंगेली में पुलिस बल की भारी कमी कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। जिले में डीएसपी के पांच स्वीकृत पदों के मुकाबले वर्तमान में व्यवहारिक रूप से केवल एक ही डीएसपी सक्रिय है, जबकि निरीक्षक स्तर पर 12 में से 6 और उप निरीक्षक स्तर पर 30 में से सिर्फ 15 पदस्थ हैं। सहायक उप निरीक्षक और आरक्षक स्तर पर भी स्वीकृत पदों की तुलना में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, जिससे फील्ड ड्यूटी और थाना संचालन प्रभावित हो रहा है। राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला होने के कारण यहां वीआईपी और वीवीआईपी दौरों की संख्या अधिक रहती है, जिनमें बड़ी संख्या में पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था में लग जाता है, परिणामस्वरूप ग्रामीण और सामान्य इलाकों की पुलिसिंग कमजोर पड़ जाती है। हाल ही में बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने रिक्त पदों की पूर्ति और संसाधन बढ़ाने का आश्वासन दिया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही स्वीकृत पदों के अनुसार तैनाती नहीं हुई तो आने वाले समय में चुनावी गतिविधियों और बढ़ते वीआईपी मूवमेंट के बीच कानून-व्यवस्था संभालना और अधिक मुश्किल हो सकता है।







