जमीदोज होता गांव में लगा नल, दो साल भी गांव में पानी नहीं, पानी टँकी से रिस रहा पानी

कवर्धा। पीएचई के अधिकारियों की अब कार्य प्रणाली पर सवाल उठना भी शूरू हो गया है। दो साल पहले लगे नल अब जमीदोज होते जा रहे हैं।
जी हां पीएचई के अधिकारियों की बडी लापरवाही के कारण गांव में नल से पानी तो नहीं मिल रहा बल्कि अब जो नल लगे हैं वह भी जमीन के अंदर धंसते चले जा रहे है यह हाल कही और का नहीं बल्कि कवर्धा विकासखंड का ही है। कवर्धा विकासखंड के ग्राम पंचायत दुल्लापुर में नल जल योजना के तहत पानी टँकी का निर्माण किया गया साथ ही गांव में करीब 171 घरों में नल कनेक्शन लगाया गया लेकिन यह नल कनेक्शन अब देखने नहीं मिलेगा क्योंकि इस नल में कभी पानी ही नही आया। जबकि पानी टँकी बनकर तैयार है। गांव के लोगों के अनुसार कभी कभी टँकी से पानी सप्लाई के लिए नल खोले जाते है लेकिन नल में पानी कभी नही आया। इसके कारण घर मे लगे नल कबाड़ हो गए और टूट चुके है। कई नलों में तो टोटी तक नहीं लगाया गया है। पीएचई के अधिकारियों की लापरवाही के कारण पानी टँकी निर्माण होने गांव में घरों में नल लगने के बाद भी पानी नहीं पहुँच रहा है।
68 लाख की योजना पर फिरा पानी
नल जल योजना के तहत कवर्धा विकासखंड के ग्राम दुल्लापुर में करीब 68 लाख 99 हजार रुपए से गांव में पाइप लाइन बिछाकर नल कनेक्शन किया गया और पानी टंकी का निर्माण किया गया, लेकिन आज तक इस योजना के तहत गांव में पानी सप्लाई नही हुआ यानी 68 लाख की राशि से बना योजना पानी की तरह बर्बाद होता नजर आ रहा है। इसके बाद भी अधिकारियों को इससे कोई सरोकार नहीं दिखाई दे रहा है।







