पुनर्वासित युवाओं को जैविक खेती व पर्यटन से जुड़े अवसरों से कराया गया परिचय

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में पुनर्वासित युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोडऩे और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य शासन लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में दंतेवाड़ा जिले में 134 पुनर्वासित युवाओं के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक, कृषि और पर्यटन भ्रमण का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसाइटी के माध्यम से संपन्न हुआ। दरअसल, हाल ही में पुनर्वासित युवाओं ने जिला प्रशासन के समक्ष कृषि और पर्यटन क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने की इच्छा जताई थी। उनकी इस मांग को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की पहल पर यह भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया, ताकि युवाओं को आजीविका के नए विकल्पों से रूबरू कराया जा सके।
भ्रमण के दौरान युवाओं को जैविक खेती की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी गई। कृषि विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और भूमगादी जैविक क्लस्टर के समन्वयकों ने कम लागत में अधिक उत्पादन, रासायनिक उर्वरकों के बिना खेती, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और जैविक उत्पादों के विपणन से जुड़े पहलुओं को व्यावहारिक रूप से समझाया। लाइवलीहुड कॉलेज के प्रशिक्षक भी इस दौरान मौजूद रहे। कृषि के साथ-साथ युवाओं को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया गया। यहां उन्हें स्थानीय पर्यटन की संभावनाओं, होम-स्टे संचालन, गाइड सेवाओं, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से रोजगार सृजन के अवसरों की जानकारी दी गई। इससे युवाओं को यह समझने का मौका मिला कि पर्यटन क्षेत्र भी आय का सशक्त माध्यम बन सकता है।
भ्रमण से उत्साहित युवाओं ने लाइवलीहुड कॉलेज प्रशासन से दो से तीन दिवसीय विशेष आवासीय कृषि प्रशिक्षण आयोजित करने की मांग रखी। उनका कहना है कि इस तरह के गहन प्रशिक्षण से वे अपने गांव लौटकर उन्नत जैविक खेती को अपनाते हुए स्थायी आजीविका विकसित कर सकेंगे। जिला प्रशासन ने युवाओं की इस सकारात्मक पहल की सराहना करते हुए भविष्य में कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और मजबूत करने का भरोसा दिलाया है।







