Chhattisgarh
नक्सलियों का पुराना गढ़ अब लौट रहा है सामान्य जीवन की ओर

बस्तर जिले का चांदामेटा गांव कभी नक्सलियों का हेडक्वार्टर माना जाता था, लेकिन अब धीरे-धीरे सामान्य जीवन और सुरक्षा का माहौल लौट रहा है। यह गांव दो साल पहले तक नक्सलियों के डर और दबाव में जी रहा था, जिसके कारण अधिकांश परिवार पलायन कर चुके थे। नक्सलियों ने करीब 15 एकड़ में बेस कैंप और अपने मारे गए साथियों की याद में आम के पेड़ लगाए थे, जिनके चारों ओर सुरक्षा घेरा बना था। हालांकि, सीआरपीएफ के कैंप खुलने के बाद नक्सली इलाके से चले गए और अब वही आम के पेड़ ग्रामीणों की देखरेख में हैं। पटनमपारा मार्ग पर मौजूद विशाल नक्सली स्मारक उस हिंसक दौर की याद दिलाता है, लेकिन आज गांव के लोग भय से मुक्त होकर शांति और विकास की ओर बढ़ रहे हैं।







