खेलों से समाज को अनुशासित, स्वस्थ्य और देश भक्ति की भावना जगाना ही क्रीड़ा भारती का उद्देश्य
रायपुर। क्रीड़ा भारती खेलों के माध्यम से समाज में अनुशासन, स्वास्थ्य एवं राष्ट्रभावना तथा देशभक्ति, की भावना विकसित करने वाली संस्था है। इसकी स्थापना 1992 महाराष्ट्र के पुणे में हुई। क्रीड़ा भारती का बोध वाक्य “क्रीड़ा से निर्माण चरित्र का, चरित्र से निर्माण राष्ट्र का” है। यह बाते क्रीड़ा भारती छत्तीसगढ़ के प्रान्त मंत्री सुमीत उपाध्याय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए कही।
उनका मानना है कि विकसित भारत का रास्ता खेल के मैदान से ही निकलेगा। उन्होंने बताया क्रीड़ा भारती का उददेश्य खेलों, खेल संस्कृति, पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना, स्वास्थ्य देश के प्रत्येक नागरिक का स्वास्थ्य ठीक रहे, इसके लिए योग का प्रचार-प्रसार, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति की भावना का विकास करना और युवाओं का चरित्र निर्माण करना आदि है।
उन्होंने क्रीड़ा भारती के पांच आयाम बताए । इसमें क्रीड़ा भारती द्वारा योग, अध्यात्मक को बढ़ावा देने के लिए 21 जून को प्रतिवर्ष योग दिवस का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का विशेष रूप से आयोजन किया जाता है।
मेजर ध्यानचंद भारतीय हॉकी के जादूगर के जन्म दिन पर क्रीड़ा भारती द्वारा 29 अगस्त को खेल दिवस का आयोजन किया जाता है। क्रीड़ा भारती द्वारा खेल सप्ताह आयोजित किये जाते हैं। इसके माध्यम से खिलाड़ियों को मंच मिलता है।
क्रीड़ा भारती द्वारा अखिल भारती स्तर पर क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया जाता है । इस परीक्षा में सभी आयुवर्ग के प्रतिभागी भाग लेते है। प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किये जाते है। 12 से 25 वर्ष तक परीक्षा के माध्यम से इसका उददेश्य सभी वर्ग में खेल की जानकारी प्रदान करना है।
श्री उपाध्याय ने बताया कि जिले से अखिल भारतीय स्तर जीजा माता सम्मान का आयोजन किया जाता है। इसमें राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के उत्कृष्ट खिलाड़ियों की माताओं का सम्मान किया जाता है। चूंकि खिलाड़ी को हर मंच में पारितोषिक के रूप में नगद राशि, मेडल, प्रमाण पत्र प्राप्त करता है। लेकिन जिस मां ने उसको तैयार किया है उसका सम्मान नहीं हो पाता इसलिए क्रीड़ा भारती मां का सम्मान करती है।
श्री हनुमान जन्मोत्सव पर क्रीड़ा भारती की स्थापना हुई थी। इस अवसर पर बल, बुद्धि, विद्या, साहस के देव श्री हनुमान जी का पूजन अर्चन एवं हनुमान चालीसा वाचन किया जाता है। यह कार्यक्रम सार्वजनिक स्थल पर सामूहिक रूप से किया जाता है। इस अवसर पर क्रीड़ा भारतीय अनेक खेलों का आयोजन किया जाता है। जगह -जगह पर
क्रीड़ा केंद्र की स्थापना के लिए खिलाडियों से संपर्क किया जाता है। सूर्यसप्तमी पर सामूहिक सूर्य नमस्कार के सभी 12 आसनों का अभयास कराया जाता है । आगामी 2036 में ओलिंपिक में कबड्डी को शामिल कराने भारत भर में कबड्डी का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा
गर्मीयों में समर कैम्प, कैरियर मार्गदर्शन, खिलाड़ियों की काउन्सलिंग, खिलाड़ियों का सम्मान समारोह और विभिन्न खेलस्पर्धाओं का आयोजन किया जाता है। इस दौरान प्रांत मंत्री क्रीड़ा भारती, संजय शर्मा प्रदेश अध्यक्ष और नीता डोंगरे आदि उपस्थित थे






