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आजीविका गारंटी मिशन से स्वरोजगार काे बढवा व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी – शिवनारायण

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बीजापुर। विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन को लेकर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पांडेय ने बुधवार काे प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ ग्रामीण इलाके को सशक्त करने की दिशा में एक ठोस कदम है। इसके जरिए ग्रामीण रोजगार को नई मजबूती, विकसित भारत की दिशा में हम आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन को एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने रखा गया है । इस मिशन के तहत ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और मजदूर वर्ग को स्थायी रोजगार और नियमित आय के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा । इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत में गारंटी रोजगार, कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देना है, ताकि पलायन पर रोक लगाई जा सके।
शिवनारायण पांडेय ने कहा कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिले। मिशन के अंतर्गत कृषि, पशुपालन, वनोपज, कुटीर उद्योग और ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी । कार्यक्रम के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों, लघु उद्यमों और ग्रामीण स्टार्टअप को भी प्रोत्साहित किया जाएगा । साथ ही युवाओं को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें स्थानीय और डिजिटल बाजार से जोड़ने की योजना है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके । उनका कहना था कि यह मिशन विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में मील का पत्थर साबित हो सकता है ।
उन्होंने कहा कि रोजगार को सहायता नहीं बल्कि गारंटी के रूप में प्रस्तुत करना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा । इसके प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर, आर्थिक स्थिरता और सामाजिक विकास की उम्मीद है । पहले मनरेगा के भ्रष्टाचार की शिकायतें सुनने को मिलती थी । इसमें फेस अटेंडेंस, साप्ताहिक रिपोर्ट और आनलाइन भुगतान से केवल हितग्राही लाभान्वित होंगे, मशीनों से काम करा मजदूरो का हक अब कोई नहीं मार सकता । पूरी पारदर्शिता के साथ इसमें काम होगा । वहीं कांग्रेस के विरोध पर कटाक्ष करते उन्होंने कहा कि कांग्रेस की आपत्ति राम के नाम को लेकर है जबकि यह स्कीम का शार्ट फॉर्म है। स्कीम में पूरी भागीदारी जनता की है, और राज्य सरकार की भागीदारी बढ़ाए जाने से पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

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