भारतीय शिक्षा बोर्ड को मिली 5-8 वीं बोर्ड परीक्षाओ से मुक्ति – छबिराम

रायपुर। मेकाले की शिक्षा प्रणाली में हो रहे गुलामी और शोषण को समाप्त करने हेतु सनातन शिक्षा से आधुनिक शिक्षा को जोड़ते हुए पाठ्यचर्या एवं पाठ्यक्रम तथा पाठ्य पुस्तक तैयार की गई है। भारतीय शिक्षा बोर्ड में नए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समस्त नियमों का पालन करते हुए पाठ्यक्रम तैयार की गई है। डॉक्टर एन. पी. सिंह आई ए एस (सेवानिवृत) चेयरमैन भारतीय शिक्षा बोर्ड हरिद्वार के मार्गदर्शन एवं पूज्य स्वामी पुण्य देव महाराज के समन्वयन में भारतीय शिक्षा बोर्ड के राज्य प्रभारी छबि राम साहू के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी एवं संचालक ,लोक शिक्षण , ऋतुराज रघुवंशी एवं उपसंचालक बी. एल. देवांगन से सौजन्य भेंट किए। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने भारतीय शिक्षा बोर्ड के गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों को कक्षा पांचवी एवं आठवीं की परीक्षा से मुक्त करने हेतु अधिकारियों को किए गए अनुरोध द्वारा, राज्य शासन से आदेश भारतीय शिक्षा बोर्ड को प्राप्त हो गया है।
भारतीय शिक्षा बोर्ड के प्रतिनिधि मंडल में प्रहलाद दमाहे , जे.पी. महामलला, ढालचंद जैन सम्मिलित थे। भारतीय शिक्षा बोर्ड के कक्षा पांचवी एवं आठवीं के आगामी परीक्षा से राज्य शासन द्वारा मुक्त होने पर पतंजलि परिवार से संजय अग्रवाल, डॉक्टर मनोज पाणिग्रही ,गणेश तिवारी ,जयंत भारती, अनूप बंसल जया मिश्रा, श्रवण केजरीवाल ,पुखराज जैन , विजय लाहोटी ,ज्ञानचंद जैन ,पुष्पा देवांगन आदि सहित भारतीय शिक्षा बोर्ड से एफिलेटेड समस्त स्कूल के प्राचार्य एवं संचालकों ने भारतीय शिक्षा बोर्ड छत्तीसगढ़ को बधाई देते हुए राज्य शासन को धन्यवाद व्यापित किया।







