सरकार का संदेश स्पष्ट है- जो अब भी हिंसा का रास्ता चुन रहे हैं, वे आत्मसमर्पण करें – मुख्यमंत्री साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि विश्वास, विकास और सुरक्षा ही बस्तर की नई दिशा, जहाँ हिंसा नहीं, अब शांति ही एकमात्र विकल्प। बस्तर रेंज के बीजापुर और सुकमा जिलों में चलाए गए नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों ने निर्णायक सफलता हासिल करते हुए 14 माओवादियों को न्यूट्रलाइज़ किया है। सुरक्षाबलों की सटीक रणनीति, सतत दबाव और मज़बूत जमीनी पकड़ के चलते यहाँ माओवादी नेटवर्क तेज़ी से ढह रहा है।
बस्तर अब भरोसे, विकास और सुरक्षा के मार्ग पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व, सुरक्षा बलों की प्रतिबद्धता, सरकार की संवेदनशील पुनर्वास नीति और जनता के अटूट विश्वास का परिणाम है। हमारी सरकार का संदेश स्पष्ट है- जो अब भी हिंसा का रास्ता चुन रहे हैं, वे आत्मसमर्पण करें, पुनर्वास नीति अपनाएँ और सम्मान के साथ मुख्यधारा में लौटें। अन्यथा सरकार और सुरक्षा बल अपने दायित्व का निर्वहन करने को पूरी तरह सक्षम और प्रतिबद्ध हैं। यह छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की अंधेरी रात का अंतिम चरण है, अब बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का स्थायी सूर्योदय सुनिश्चित है।







