ChhattisgarhRegion

बाल चौपाल में बच्चों की निडर आवाज, आयोग ने लिया त्वरित संज्ञान

Share

बिलासपुर। जब बच्चे निडर होकर अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े प्रश्न पूछते हैं, तभी एक सशक्त समाज की नींव मजबूत होती है। इसी उद्देश्य के साथ 13 फरवरी को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी मीडियम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बेलगहना, जिला बिलासपुर में बाल चौपाल का सफल आयोजन किया गया।
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों एवं स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराते हुए उन्हें जागरूक, आत्मविश्वासी एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करना था। कार्यक्रम के अंतर्गत नर्सिंग के विद्यार्थियों ने जीवनरक्षक तकनीक सीपीआर का व्यवहारिक प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन किया, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में बच्चे भी प्राथमिक सहायता प्रदान करने में सक्षम बन सकें। साथ ही नुक्कड़ नाटक, ज्ञान परीक्षा (क्विज), काउंसलिंग सत्र, प्रश्नोत्तरी एवं प्रेरक खेल गतिविधियों का समेकित आयोजन किया गया, जिससे बच्चों के बौद्धिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास को प्रोत्साहन मिला।
बाल चौपाल के दौरान बेलगहना, कोटा क्षेत्र के बच्चों ने अत्यंत उत्साह एवं निडरता के साथ अपनी समस्याए अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा के समक्ष रखीं। विद्यार्थियों ने विद्यालय में शिक्षकों की कमी, जर्जर भवन की स्थिति, क्षेत्र में पेयजल समस्या, खेल मैदान से जुड़े मुद्दे तथा भविष्य में बेहतर शिक्षा हेतु क्षेत्र में कॉलेज की अनुपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रश्न किए। और एक छात्रा के संवेदनाओं से भरे एक प्रश्न किया कि अगर कोई गलत स्पर्श करे कोई तो क्या करे जिसमें प्रश्न करते करते ही छात्रा बेहद भावुक होगयी डॉ वर्णिका शर्मा ने बच्ची को संभालते हुए उसके प्रश्न का जवाब दिया और निडरता से सामना करने कहा, चौपाल के अंत में मनोवैज्ञानिक होने के नाते डॉ वर्णिका ने बच्ची से अकेले में बातचीत भी की।
बच्चों की इन समस्याओं पर तत्काल संज्ञान लेते हुए डॉ. वर्णिका शर्मा ने बीईओ बेलगहना से बच्चों के समक्ष ही दूरभाष पर संपर्क कर आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही पूर्व में किए गए पत्राचार की प्रति के साथ आयोग कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश भी प्रदान किए। अब तक आयोजित सभी बाल चौपालों में यह आयोजन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, जिसमें बच्चों ने सबसे अधिक निडरता और खुलकर अपनी बात रखी। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा एवं उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। बाल चौपाल में पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शीलू साहू, श्री चंद्रशेखर तिवारी तथा सीजी नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थी भी उपस्थित थे।

GLIBS WhatsApp Group
Show More
Back to top button