महिला नेतृत्व को लेकर उठा विवाद कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र को बेनकाब कर रहा : शताब्दी

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पाण्डेय ने कहा है कि अब छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर विवाद सामने आया है। यह विवाद कांग्रेस के अंदरूनी लोकतंत्र पर सवाल खड़ा करता है और गुटबाज़ी का प्रत्यक्ष प्रमाण है। श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस के नेता हमेशा महिलाओं के सम्मान और अधिकार को लेकर बड़ी-बड़ी बातें तो खूब करते हैं, लेकिन जब खुद के संगठन में महिलाओं को नेतृत्व देने का समय आता है, तो निर्णय पारदर्शी नहीं होता बल्कि बंद कमरों में सौदेबाज़ी होती है।
श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि आज कांग्रेस की महिला नेता खुद सवाल उठा रही हैं कि योग्यता, संघर्ष और ज़मीनी सच्चाई को दरकिनार कर गुटबाजी और चापलूसी को महत्व दिया जा रहा है। यह कांग्रेस की महिला नेतृत्व के प्रति सोच को परिलक्षित करता है। श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि भाजपा में स्पष्ट तौर पर सत्ता और संगठन के स्तर पर महिला नेतृत्व केवल प्रतीक नहीं, बल्कि निर्णायक शक्ति केंद्र है। भाजपा में महिलाओं को संगठन, सरकार और चुनावी राजनीति में वास्तविक जिम्मेदारी और सम्मान मिलता है। कांग्रेस पहले अपने घर में महिलाओं के साथ न्याय करना सीखे, फिर महिला सशक्तीकरण पर भाषण दे।







