कमिश्नर सहित आईजी, कलेक्टर और एसपी ने बस्तर के खिलाडिय़ों का बढ़ाया उत्साह

जगदलपुर। बस्तर जिला मुख्यालय के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में आयोजित पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का समापन अत्यंत उत्साहजनक रहा। इस अवसर पर क्षेत्र के उच्चाधिकारियों ने बस्तर अंचल के खिलाडिय़ों के बीच पहुंचकर न केवल उनका मनोबल बढ़ाया, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए सफलता के मंत्र भी साझा किए।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स समापन के पश्चात खिलाडिय़ों से रूबरू होते हुए कमिश्नर डोमन सिंह ने कहा कि बस्तर के जनजातीय क्षेत्रों में नैसर्गिक प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य आपकी क्षमता को तराशना है। यहाँ से प्राप्त अनुभव आपकी नींव को मजबूत करेगा, जिससे आप आगामी बड़ी प्रतियोगिताओं में पूरे आत्मविश्वास के साथ उतर सकेंगे।
पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी. ने खिलाडिय़ों के अनुशासन और जज्बे की सराहना की। उन्होंने अपने उद्बोधन में इस बात पर जोर दिया कि खेल केवल जीत-हार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम है। उन्होंने खिलाडिय़ों से कहा कि इस आयोजन से जो अनुभव का लाभ आपको मिला है, उसे अपनी शक्ति बनाएं और निरंतर अभ्यास के माध्यम से बस्तर की एक सकारात्मक पहचान पूरे देश में स्थापित करें।
कलेक्टर आकाश छिकारा ने युवा एथलीटों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन खिलाडिय़ों को हर आवश्यक सुविधा और मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने खिलाडिय़ों को भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेलो इंडिया जैसे मंच का लाभ उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि बस्तर का नाम खेल जगत के मानचित्र पर स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाए। उन्होंने खिलाडिय़ों को लक्ष्य पर केंद्रित रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्र स्तरीय आयोजन के माध्यम से जो तकनीकी ज्ञान प्राप्त हुआ है, उसका लाभ उठाएं।
पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने खिलाडिय़ों के बीच ऊर्जा का संचार करते हुए कहा कि खेल के मैदान पर दिखाया गया पराक्रम ही आपको सफलता के शिखर तक ले जाएगा। उन्होंने कहा कि आप सभी में देश का नाम रोशन करने की क्षमता है; बस इस अनुभव को अपनी सीख बनाकर मैदान में डटे रहें। अधिकारियों के इस आत्मीय मार्गदर्शन और शुभकामनाओं से उत्साहित होकर खिलाडिय़ों ने भी आने वाले समय में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने का संकल्प दोहराया। वहीं खेल अधिकारियों और प्रशिक्षकों ने भी खिलाडिय़ों को दक्ष बनाने के लिए समर्पण के साथ दायित्व निभाने की बात कही।







