118 अवैध घरों को अतिक्रमण मुक्त किए जाने पर चिकटराज कल्याण समिति ने किया आभार व्यक्त

बीजापुर। जिला मुख्यालय के चट्टानपारा क्षेत्र में 118 अवैध घरों को ढहाए जाने के बाद चिकटराज कल्याण समिति ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। समिति ने इस कार्रवाई को देव आस्था की भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। समिति के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर संबित मिश्रा से भेंट कर प्रशासन की कार्रवाई को आस्था, परंपरा और कानून तीनों की रक्षा करने वाला बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भूमि न केवल वन मद की शासकीय भूमि है, बल्कि चिकटराज देव, कोंडराज देव और कारी कंकालीन माता से संबंधित एक पवित्र स्थल है, जहां हर साल धार्मिक अनुष्ठान होते हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार शासकीय और वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं है। भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। जिन मकानों को गिराया गया है, उनमें 10 डीआरजी जवान, 10 आत्मसमर्पित नक्सली परिवार, 25 नक्सल पीडि़त परिवार, स्थानीय आदिवासी मजदूर और ओडिशा के मलकानगिरी राज्य से आए 5 परिवार शामिल थे। ये लोग बीजापुर जिले के बासागुडा, उसूर, नेलाकांकेर, पुसगुड़ी, डल्ला, तिम्मापुर, हीरापुर, तोयनार, रुद्रारम और चेरकांटी के निवासी थे। मिली जानकारी के अनुसार नगरपालिका कार्यालय के पीछे चट्टानपारा से लगे 55 अन्य मकानों को भी अब तक तीन नोटिस दिए जा चुके हैं। संभावना है कि राजस्व, नगरपालिका और वन विभाग जल्द ही यहां भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर सकते हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है।







