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राज्य में दो चरणों में होगी जनगणना, पूछे जाएंगे 33 सवाल

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रायपुर। राज्य में जनगणना को लेकर गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ और राज्य जनगणना कार्य निदेशक कार्तिकेय गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित किया। इसमें उन्होंने राज्य में जनगणना की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में होगी । पहला चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का जो 1 मई से 30 मई तक चलेगा। दूसरा चरण फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना के रूप में किया जाएगा।
गौरतलब है कि इस बार देश में पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। लोगों को स्वयं ऑनलाइन जानकारी भरने का विकल्प भी मिलेगा। इसके लिए 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी, इसके बाद प्रत्येक व्यक्ति को एसई आईडी जनरेट की जाएगी। इसके बाद प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे।

जनगणना के पहले चरण के दौरान घर-घर सर्वे कर 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें मकान की स्थिति, सुविधाएं और परिवार से जुड़ी जानकारी शामिल होगी। यह पूरी प्रक्रिया मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप में संपन्न की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना कार्य जनगणना अधिनियम 1948 के तहत किया जाएगा और सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। किसी भी कानूनी या जांच प्रक्रिया में इन आंकड़ों का उपयोग नहीं किया जाएगा।

मकान से जुड़े सवाल

भवन नंबर
जनगणना मकान नंबर
फर्श किस चीज का बना है
दीवार किस चीज की बनी है
छत किस चीज की बनी है
मकान का उपयोग (रहने, दुकान आदि)
मकान की हालत कैसी है
परिवार से जुड़े सवाल
घर का नंबर (परिवार के लिए)
कुल कितने लोग रहते हैं
परिवार के मुखिया का नाम
मुखिया का लिंग (पुरुष/महिला/थर्ड जेंडर)
मुखिया किस वर्ग से है (SC/ST/अन्य)
मकान अपना है या किराए का
परिवार के पास रहने के लिए कमरों की संख्या
कितने शादीशुदा जोड़े हैं
सुविधा से जुड़े सवाल

पीने का पानी कहां से आता है
पानी की सुविधा घर में है या बाहर
बिजली/रोशनी का मुख्य साधन
शौचालय है या नहीं
शौचालय का प्रकार
गंदे पानी की निकासी कैसे होती है
नहाने की जगह है या नहीं
रसोई है या नहीं, एलपीजी /पीएनजी है या नहीं
खाना पकाने का मुख्य ईंधन
डिजिटल और सामान से जुड़े सवाल

रेडियो/ट्रांजिस्टर है या नहीं
टीवी है या नहीं
इंटरनेट सुविधा है या नहीं
लैपटॉप/कंप्यूटर है या नहीं
मोबाइल/फोन है या नहीं
वाहन और अन्य जानकारी

साइकिल/स्कूटर/बाइक है या नहीं
कार/जीप/वैन है या नहीं
परिवार कौन सा अनाज ज्यादा खाता है
मोबाइल नंबर (सिर्फ जनगणना के लिए)
गलत जानकारी देने पर हो सकती है कार्रवाई, 1,000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान
इन सभी सवालों की सही जानकारी देना अनिवार्य है। यदि कोई व्यक्ति गलत सूचना देता है या जनगणना कार्य में सहयोग नहीं करता है, तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत ऐसे मामलों में 1,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराए।
प्रदेशभर में 62,500 अधिकारी-कर्मचारियों की होगी तैनाती
जनगणना के लिए 62,500 अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, इनमे 47 जिला जनगणना अधिकारी, 250 जिला स्तरीय अधिकारी, 472 चार्ज अधिकारी, 1,160 मास्टर ट्रेनर, 51,300 प्रगणक और 9,000 पर्यवेक्षक शामिल हैं।
राज्य के 33 जिलों, 195 नगरीय निकायों और 252 तहसीलों के साथ-साथ लगभग 19,978 गांवों में सर्वे कार्य किया जाएगा। इसके लिए 49,000 मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं। जनगणना से जुड़े सवालों के लिए 16 अप्रैल 2026 से टोल फ्री नंबर 1855 भी जारी किया जाएगा।

प्रवासियों की गणना को लेकर स्थिति स्पष्ट, मूल निवास के आधार पर होगी जनगणना
यदि कोई व्यक्ति मध्य प्रदेश का निवासी है और वह वर्तमान में छत्तीसगढ़ में नौकरी कर रहा है, तो उसकी जनगणना उसके मूल निवास अर्थात मध्य प्रदेश में ही की जाएगी। इसके लिए उसे इधर-उधर भटकने या किसी अन्य स्थान पर गणना करवाने की आवश्यकता नहीं होगी। जनगणना के दौरान नियमों के अनुसार व्यक्ति की गणना उसके स्थायी/मूल निवास के आधार पर सुनिश्चित की जाएगी।
दूसरे चरण में जातिगत जनगणना:
जनगणना कार्य निदेशक कार्तिकेय गोयल ने बताया कि यह आजादी के बाद की आठवीं जनगणना होगी। उन्होंने कहा कि यह पहली बार होगा जब आम नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस बार जातिगत जनगणना भी शामिल होगी, जो दूसरे चरण में की जाएगी।

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