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भाजपा नाम बदलने की राजनीति नहीं करती, अपितु राष्ट्र नीति पर काम करती है : भाजपा

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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने नाम बदलकर मनरेगा के स्थान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा विकसित भारत – जी राम जी अधिनियम-2025 लागू किए जाने पर कांग्रेस नेताओं द्वारा बिलावजह मचाए जा रहे शोर को रूदाली-प्रलाप निरुपित किया है। श्री ठोकने ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा नाम बदलने की राजनीति नहीं करती, अपितु राष्ट्र नीति पर काम करती है। बघेल को यह कतई नहीं भूलना चाहिए कि जिस मनरेगा का नाम कथित तौर पर बदलने पर उन्होंने और उनकी कांग्रेस पार्टी ने इन दिनों आसमान सिर पर उठाया हुआ है, कांग्रेस ने स्वयं भी अनेक बार रोजगार गारंटी योजना के संदर्भ में भी नाम बदलने का काम किया है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ठोकने ने कहा कि बघेल का बयान सूप बोले तो बोले, चलनी भी बोले, जिसमें बहत्तर छेद वाली कहावत को चरितार्थ कर रहा है। योजनाओं के नाम बदलने में राजनीतिक निर्लज्जता की पराकाष्ठा का प्रदर्शन कर चुके बघेल आज किस मुँह से मनरेगा के नाम पर घडिय़ाली प्रलाप कर रहे हैं? श्री ठोकने ने पूर्व मुख्यमंत्री बघेल को याद दिलाया कि उनकी सरकार ने 11 फरवरी, 2019 को एक साथ पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के नाम पर चल रहीं योजनाओं का नाम उनकी पुण्यतिथि के दिन ही बदलकर उसे नेहरू खानदान के नामों पर रख दिया था। पं. दीनदयाल उपाध्याय स्वावलम्बन योजना और पं. दीनदयाल उपाध्याय आजीविका केन्द्र योजना को राजीव गांधी के नाम पर तथा पं. दीनदयाल उपाध्याय एलईडी पथ प्रकाश योजना और पं. दीनदयाल उपाध्याय शुद्ध पेयजल योजना को इंदिरा प्रियदर्शिनी के नाम पर कर दिया गया था। ठोकने ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में सभी योजनाओं को एक ही खानदान के लोगों के ही नाम पर संचालित किया। एक परिवार की चाटुकारिता ही कांग्रेस नेताओं की कुलजमा राजनीतिक हैसियत का मापदण्ड है। भाजपा ने देश के उन महापुरुषों के गौरव को पुनर्स्थापित किया, जिसे कांग्रेस ने अनदेखा किया था।
ठोकने ने बघेल को यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस ने हर बार इस योजना का नाम बदला और हर बार सुरसा के मुंह की तरह इसकी विफलता और भ्रष्टाचार का स्मारक बढ़ता गया। लेकिन, इस बार केवल नाम ही नहीं बदला है बल्कि यह योजना अधिक प्रभावी, अधिक पारदर्शी, अधिक उपयोगी बनी है। श्री ठोकने ने कहा कि आज वीबी – जी राम जी के नाम पर छाती पीट रहे बघेल समेत तमाम कांग्रेस नेता यह न भूलें कि सन् 2009 में चुनावी लाभ बटोरने की नीयत से तत्कालीन संप्रग सरकार ने महात्मा गांधी का नाम जोड़कर उसे मनरेगा नाम दिया था। मनरेगा से पहले इसका नाम नरेगा था। उससे पहले जरोयो अर्थात् जवाहर रोजगार योजना था। उससे पहले यह राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम और ग्रामीण भूमिहीन रोजगार गारंटी कार्यक्रम आदि नाम से भी जानी जाती थी। श्री ठोकने ने कहा कि बघेल और कांग्रेस इस योजना में अब भ्रष्टाचार की गुंजाइश पूरी तरह खत्म होने के कारण ही चीख-पुकार मचाए हुए हैं। कांग्रेस का तो राजनीतिक एजेंडा ही अब हर सुधार के कामों का विरोध करना भर रह गया है। श्री ठोकने ने कहा कि घृणा से नाम बदलना कांग्रेस की आदत है, जबकि प्यार से परिवर्तन भाजपा की रीति-नीति है। कांग्रेस के पापों की वास्तव में कोई सीमा नहीं है।

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