आत्मसमर्पित नक्सलियों को जंगल वॉरफेयर कॉलेज में प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा शामिल

जगदलपुर। बस्तर में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत कांकेर स्थित काउंटर टेररिज्म एंड जंगल वॉरफेयर कॉलेज में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिसमें आत्मसमर्पित पूर्व नक्सली अब सुरक्षाबलों के जवानों को जंगल वॉरफेयर की बारीकियां सिखाएंगे।
मिली जानकारी के अनुसार सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों से आत्मसमर्पित 18 पूर्व नक्सलियों को इस प्रशिक्षण के लिए शामिल किया जाएगा। ये सभी नक्सली गुरिल्ला युद्ध, आईईडी बनाने और जंगलों में उन्हें प्लांट करने जैसी तकनीकों में माहिर रहे हैं। अब इन्हीं के अनुभवों का इस्तेमाल कर जवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल के तहत जवानों को नक्सलियों के काम करने के तरीकों, खासकर बारूदी सुरंग लगाने और उसे निष्क्रिय करने की तकनीक सिखाई जाएगी। इससे सुरक्षाबलों को ऑपरेशन के दौरान अधिक सतर्कता और सफलता मिलने की उम्मीद है।
बस्तर आईजी पी. सुंदरराज ने बताया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से जवान नक्सलियों द्वारा आईईडी लगाने के तरीके को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व में कई बार आईईडी के बरामदगी के दौरान चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, लेकिन अब इस तरह की ट्रेनिंग से जवानों की क्षमता और सुरक्षा दोनों में बढ़ोतरी होगी।







