साहित्य शिरोमणि सम्मान- 2026 से सम्मानित होंगे जांजगीर के सुरेश पैगवार

जांजगीर-चांपा। जांजगीर साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए कवि एवं साहित्यकार सुरेश पैगवार जांजगीर को आगामी 12 अप्रैल को मॉयल मंगल भवन, तिरोड़ी मध्यप्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय साहित्यकार सम्मेलन में साहित्य शिरोमणि सम्मान- 2026 से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान प्रतिवर्ष देश के चुनिंदा साहित्यकार को साहित्य के क्षेत्र में उसकी विशेष उपलब्धि के लिए श्री बद्रीनाथ चौकसे जी की स्मृति में उनके सुपुत्र श्री सत्यनारायण चौकसे एवं परिवार द्वारा प्रदान किया जाता है।
राष्ट्रीय साहित्यकार सम्मान सम्मेलन पिछले 23 वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सीमित संख्या में चयनित समाजसेवियों को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया जाता है। इस वर्ष देश भर से चयनित कुल तेरह विभूतियों को किसी भी क्षेत्र में उनके विशेष कार्य और उपलब्धि के लिए प्रदान किया जायेगा। इसी क्रम में इस वर्ष सुरेश पैगवार को इनके द्वारा रचित भारतीय रेलवे के लिए रेल गीत भारत के जीवन की रेखा, है अपना ये रेलवे काफी लोकप्रिय हुआ है, जिसे भारतीय रेलवे ही नहीं अपितु आमजन भी उतना ही पसंद कर रहे हैं, तथा रेलवे के लिए ही रचे स्वच्छता गीत चलो करें ये वादा, रेल को स्वच्छ बनाएंगे जो देश भर में ऑडियो वीडियो के माध्यम से सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म तथा स्टेशनों के स्क्रीन पर समय समय पर चलती रहती है, के लिए प्रदान किया जा रहा है। इसी प्रकार इनके सैन्य गीत, सिविल डिफेंस गीत आदि का गायन समय समय पर रेलवे के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया जाता है।
जांजगीर चांपा जिले पर लिखे जिला गीत गज़ब पुरातन नगरी भइया, जांजगीर हे जेकर नाम भी काफी लोकप्रिय हुआ है, जिसे उस समय के तात्कालिक मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के हाथों विमोचित किया गया था। इनके लिखे श्रम पर गीत, गंगा पर लिखे गीत, श्रृंगार गीत जिसे छालीवुड के प्रसिद्ध गायक सुनील सोनी, चंपा निषाद द्वारा गाया गया है, इनके कुछ गीतों को जनकवि मीर अली मीर जी और सुप्रसिद्ध कवयित्री संतोषी महंत श्रद्धा जी तथा सोमप्रभा तिवारी नूर जी द्वारा स्वर दिया गया है।
इन सब को देखते हुए इस वर्ष का इन्हें श्री बद्री नारायण चौकसे स्मृति साहित्य शिरोमणि सम्मान-2026 इन्हें तिरोड़ी मध्यप्रदेश में 12 अप्रैल को मॉयल मंगल भवन तिरोड़ी मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय साहित्यकार सम्मेलन की गरिमामयी आयोजन में इन्हें उनके सुपुत्र श्री सत्यनारायण चौकसे एवं राष्ट्रीय साहित्यकार सम्मेलन के संयोजक कवि दिनेश देहाती तथा अन्य अतिथियों की उपस्थिति में प्रदान किया जाएगा।







