छात्र ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में पहली बार पूरी की हिंदी पीएचडी

योगेश कुमार तारक, जो दृष्टिबाधित हैं, ने शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग और हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में हिंदी विषय में पीएचडी पूरी की। उनका शोध विषय था “केदारनाथ ‘शब्द मसीहा’ के साहित्य में सामाजिक यथार्थ का विश्लेषण”, जिसे उन्होंने विभागाध्यक्ष डॉ. अभिनेष सुराना के मार्गदर्शन में पावरपॉइंट प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रस्तुत किया। पीएचडी वायवा में कुलपति डॉ. संजय तिवारी और मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. खेमचंद डहारिया भी उपस्थित थे। योगेश ने छह अध्यायों में अपने शोध कार्य को विस्तार से प्रस्तुत किया और दोनों पक्षों ने इसे अनुकरणीय बताया। वह राजिम के बासीन क्षेत्र के निवासी हैं और चार भाइयों में तीन दृष्टिबाधित हैं। योगेश वर्तमान में शासकीय राजीव लोचन महाविद्यालय, राजिम में नियमित सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनकी सफलता में उनकी माता का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने उन्हें किताबें पढ़कर सुनाई, जिससे योगेश ने लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता पाई।







