Chhattisgarh
उत्पादन से ट्रांसमिशन तक मजबूती छत्तीसगढ़ की ऊर्जा क्रांति की रूपरेखा

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश को देश की “ऊर्जा राजधानी” बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। ऊर्जा उत्पादन क्षमता को दोगुना करने के साथ ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। विभागीय सचिव आईएएस डॉ. राहुल यादव ने बताया कि राज्य की वर्तमान स्थापित क्षमता 30,671 मेगावाट है और आने वाले वर्षों में 32,100 मेगावाट की नई परियोजनाओं के लिए एमओयू किए गए हैं। लगभग 3.4 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश में 12,100 मेगावाट थर्मल, 4,200 मेगावाट न्यूक्लियर, 2,500 मेगावाट सोलर और 13,300 मेगावाट पम्प स्टोरेज परियोजनाएं शामिल हैं। कोरबा और मड़वा में नई सुपर क्रिटिकल इकाइयों पर भी कार्य जारी है।







