बस्तर में खेल ने बदली तस्वीर, 3.9 लाख खिलाड़ियों ने बनाया नया उत्साह

छत्तीसगढ़ का बस्तर अंचल लंबे समय तक भय, हिंसा और अविश्वास की छाया में रहा, लेकिन बस्तर ओलंपिक 2025 ने क्षेत्र की पहचान को नए सिरे से गढ़ा। यह आयोजन सिर्फ प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शांति, सद्भावना, समावेशन और विकास का मंच बनकर उभरा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित इस महाआयोजन ने शासन और समाज के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनाया। सात जिलों से कुल 3,91,289 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें 2,27,621 महिलाएं और 1,63,668 पुरुष शामिल थे। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। ‘नुवा बाट’ यानी नया रास्ता पहल के तहत आत्मसमर्पित नक्सली और दिव्यांग खिलाड़ियों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि हिंसा से बाहर निकलकर समाज की मुख्यधारा में लौटना संभव है। मुख्यमंत्री साय का मानना है कि नक्सलवाद का समाधान केवल सुरक्षा से नहीं बल्कि शिक्षा, खेल, रोजगार और सकारात्मक अवसरों से होगा, और बस्तर ओलंपिक इसका जीवंत उदाहरण साबित हुआ।







