प्रभारी प्रमुख अभियंता कटारे की नियुक्ति और पदोन्नति को लेकर उठ रहे गंभीर सवाल, पढ़े क्या लिखा ?

रायपुर। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) में प्रभारी प्रमुख अभियंता के.के. कटारे के खिलाफ लगातार नए खुलासे हो रहे है। सूत्रों की माने तो प्रभारी ई.एन.सी. के.के. कटारे की जिनकी पहली नियुक्ति से लेकर अब तक कि पदोन्नति में कई गड़बड़िया है।
के.के. कटारे हमेशा कनिष्ट होते हुए भी प्रभारी बन कर उच्च पद पर रहते है और नियमित उच्च अधिकारी न्यायालय के चक्कर लगाता रहता है कि उसको उसका अधिकार मिले।ऐसा ही पहके हुआ नियमित प्रमुख अभियंता एस के गुप्ता के रहते ये प्रभारी मुख्य अभियंता बने व खूब भ्रस्टाचार किया , 2017 में ननकीराम कंवर व रेणुका सिंग ने उच्च स्तरीय शिकायत की । अब पुनः के के कटारे सरकार बनते ही 10 जनवरी 2024 को प्रभारी प्रमुख अभियंता पर पहली पोस्टिंग पा ली जबकि नियमित प्रमुख अभियंता अपने अधिकार के लिए उच्च न्यायालय की शरण मे है।
अब जांच के घेरे में पहुँच चुका हैं उनका मामला :
ये है सवाल : दरअसल 1994 की चयन सूची में नाम न होने के बाद भी उन्हें नियुक्त कर दिया गया था । ये महाराष्ट्र के मूल निवासी है और जाती छुपाते हुए छत्तीसगढ़ राज्य में गलत न्यूक्ति पाई है। ऐसा प्रतीत होता है कि के के कटारे उच्च लोगो की कुछ विशेष सेवा करते है।
और क्या इन सवालों के जवाब अब सरकार को देना होगा? इतना ही नहीं दिनांक 23/07/2025 को नया रायपुर स्थित उच्च इस्तरिय प्रमाणिकरण छानबीन समित , संचालनालय आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान ने उनके जाति प्रमाणपत्र की जांच का आदेश जारी किया है। यानि मामला अब सिर्फ़ “फाइलों” तक सीमित नहीं रहा आधिकारिक जांच शुरू हो चुकी है। इनकी भ्रष्टाचार गलत पदस्थापना एवं निविदा की शर्तों से छेड़-छाड़ को नीचे क्रम में लिख रहे है जिस पर तत्काल संज्ञान लेकर कार्यवाही सूनिश्चित करने का कष्ट करें। छत्तीसगढ़ के सभी देकेदारो को टेंडर भरने का मौका मिले उसके लिए बड़ी निविदा को छोटी निविदा में बदलना आवश्यक है।
इसी को लेकर अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश महामंत्री डॉ देवेंद्र माहला ने भी इसकी शिकायत की है।
जाने पत्र क्या लिखा :
1. के.के. कटारे की नियुक्ति अनुसूचित जाति विशेष अभियान के तहत हुई है (अविभाजित मध्य प्रदेश शासन) जबकि ये महाराष्ट्र के मूल निवासी है जिससे कटारे को मध्यप्रदेश शासन में सामान्य श्रेणी अंतर्गत आना था। इस प्रकार इन्होने अपनी जाति छुपाते हुए 9 में सेपृष्ठ 1 गलत दस्तावेज के आधार पर छत्तीसगढ़ में नियुक्ति पायी है। साथ ही गलत कुटरचित दस्तावेज के माध्यम से गलत तरीके से डीपीसी कराकर अधिक्षण अभियंता बनें।
2. के.के. कटारे प्रभारी प्रमुख अभियंता का जन्म महाराष्ट्र के तुमसर में हुआ है और ये मध्यप्रदेश व बाद में छत्तीसगढ़ में शासकीय सेवा में है। जबकि उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ का स्पष्ट फैसला है कि कोई भी व्यक्ति जो छत्तीसगढ़ में पैदा नहीं हुआ है उसे छत्तीसगढ़ में आरक्षण का लाभ नही मिलेगा। इनके द्वारा एस.सी. कास्ट का फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर छत्तीसगढ़ में आरक्षित वर्ग का लाभ लिया जा रहा है जो कि एक गंभीर विषय है इसकी जांच अति आवश्यक है। 1994 में इनकी प्रारंभिक नियुक्ति ही गलत हुई है पर आज ये प्रभारी प्रमुख अभियंता पद पर आसीन है, परन्तु लगभग 30 सालो से ये विभिन्न महत्तवपूर्ण पद पर पदोन्नती लेते हुए छत्तीसगढ़ में मनमाना भ्रष्टाचार कर रहे है। इस पर ना कोई जांच हो रही है न कोई अंकुश लगाया जा रहा है परन्तु इन्हे उच्च पद पर बिठाकर इनके शातिर दिमाग का इस्तमाल कर छत्तीसगढ़ के धन का दोहन कर रहे है।
3. के.के. कटारे के खिलाफ भ्रष्टाचार का अपराध क्र. 27/2019 एसीबी/ईओडब्ल्यू में दर्ज है। जिसकी विवेचना में जानबूझकर विलंब किया जा रहा है। जबकि सभी प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध है।
4. उच्च स्तरीय प्रमाणिकरण छानबीन समिति नवा रायपुर के सदस्य सचिव ने श्री जितेन्द्र गुप्ता (निरिक्षक) सतर्कता प्रकोष्ठ (समाजिक परिस्थिति की जांच एवं छानबीन) अपने पत्र क्र. 234/2025 दिनांक 07/2025 को जांच करने व प्रतिवेदन देने लिखा गया है परन्तु यह भी लम्बित है।
वर्तमान में गंभीर शिकायतो के बाद टेंडर की शर्तो को सुधार दिया पर निविदा कई ब्लॉक को जोड़ कर 60 से 80 किलोमीटर की 17 से 20 सड़कों का समूह बना कर 20,30,40 करोड़ की निविदा को 10 से 15 करोड़ की निविदा में तब्दील नही किया गया है।
प्रदेश में वर्षो से सभी प्रदेश के ठेकेदार इनके खिलाफ होने वाली कार्यवाही का इंतजार कर रहे है।







