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छात्रवृत्ति समर्पण भाजपा सरकार का नया षडयंत्र, पालकों से छात्रवृत्ति नहीं लेने सहमतिपत्र का दबाव

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रायपुर। सरकार पर स्कूली छात्रों से छात्रवृत्ति समर्पण के लिए जबरिया दबाव बनाकर फर्जी सहमति लिखवाने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि इस शिक्षण सत्र में सरकार का एक नया षड्यंत्र उजागर हुआ है। जटिल प्रक्रिया, पोर्टल के अव्यावहारिक शर्ते और त्रुटिपूर्ण व्यवस्था से परेशान छात्र और पालको से छात्रवृत्ति समर्पण की सहमति पत्र लिखवाई जा रही है, ताकि उसके आधार पर छात्रों को छात्रवृत्ति की राशि से वंचित किया जा सके। जैसे धान खरीदी में किसानों से जबरिया रकबा समर्पण करवाया गया उसी तर्ज पर आरक्षित वर्ग के छात्रों से छात्रवृत्ति समर्पण करवाया जा रहा है।
वर्मा ने कहा है कि पूर्व में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली छात्रों के पालकों के बैंक अकाउंट में छात्रवृत्ति भेजने की व्यवस्था थी लेकिन अब नाबालिक बच्चों के भी नाम का ही अकाउंट होना चाहिए, तीसरी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए बैंक अकाउंट खोलना बेहद कठिन हैं, बैंक के चक्कर काटते पालक थक चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं निकला गया। आरक्षित वर्ग के गरीब बच्चों के लिए छात्रवृत्ति के एक राशि ही नहीं बल्कि पढ़ाई के एक व्यवस्था है, आर्थिक मदद है जिससे बच्चे अपनी शैक्षणिक गतिविधियों को जारी रख पाते हैं, शैक्षणिक सत्र ख़त्म होने को है लेकिन इस साल के छात्रवृत्ति मद का पैसा बच्चों को नहीं मिला।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ छात्रवृत्ति पोर्टल में किए गए व्यवहारिक बदलाव के चलते लाखों की संख्या में छात्र छात्रवृत्ति की राशि से वंचित कर दिए गए हैं। यह सरकार बिना तैयारी के जन कल्याणकारी योजनाओं में इसी तरह से लगातार अव्यावहारिक शर्ते दुर्भावना पूर्वक लगाए जा रही है ताकि पात्र हितग्रहियों को योजनाओं के लाभ से वंचित किया जाए।
वर्मा ने कहा है कि राशन कार्ड में आधार लिंक की अनिवार्यता और बैंक खाता से आधार लिंक के साथ ही सभी दस्तावेजों में से किसी में मामूली स्पेलिंग मिसमैच भी पोर्टल में अमान्य कर दिया जा रहा है, जिसे सुधरवाने के लिए कोई सुविधा पृथक से छात्रों को उपलब्ध नहीं है, बैंकों में अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। आधार कार्ड और राशन कार्ड में अपडेट करवाने छात्र, पालक और शिक्षक सभी परेशान हैं।

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