सौम्या चौरसिया को नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट ने तय की अगली सुनवाई

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया ने कोयला घोटाले के बाद अब कथित शराब घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में दो जमानत याचिकाएं दायर की हैं। सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राज्य शासन ने जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय मांगा, लेकिन जस्टिस अरविंद वर्मा की बेंच ने यह मांग नामंजूर करते हुए 20 फरवरी से पहले शपथ पत्र के साथ जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है, ऐसे में अतिरिक्त समय देना उसके आदेश का उल्लंघन होगा। उल्लेखनीय है कि सौम्या चौरसिया को पहले कोयला घोटाले में गिरफ्तार किया गया था और लंबे समय तक जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बाद ईडी और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने उन्हें आबकारी घोटाले में फिर गिरफ्तार किया। हाई कोर्ट द्वारा पूर्व में जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जहां 9 फरवरी को शीर्ष अदालत ने उन्हें दोबारा हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर करने का निर्देश दिया। सौम्या की ओर से सुप्रीम कोर्ट में यह दलील दी गई कि केंद्रीय और राज्य की जांच एजेंसियां नई-नई एफआईआर दर्ज कर बार-बार गिरफ्तारी कर रही हैं और अब तक उन्हें छह बार हिरासत में लिया जा चुका है, जो राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में प्राथमिकता से सुनवाई करने के निर्देश भी दिए थे।







