Madhya Pradesh
2019 के बाद भर्ती कर्मचारियों के वेतन में कटौती हुई रद्द, हाईकोर्ट का आदेश जारी

प्रोबेशन पीरियड के दौरान वेतन कटौती को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने अवैध करार देते हुए बड़ा आदेश दिया है, जिससे प्रदेश के करीब 57 हजार 320 कर्मचारियों को राहत मिली है। दिसंबर 2019 के बाद नियमित पदों पर भर्ती हुए इन कर्मचारियों को पहले वर्ष 70 प्रतिशत, दूसरे वर्ष 80 प्रतिशत और तीसरे वर्ष 90 प्रतिशत वेतन दिया गया था। कोर्ट ने कटा हुआ वेतन एरियर सहित भुगतान करने के निर्देश दिए हैं, जिससे प्रत्येक कर्मचारी को लगभग 1 लाख 74 हजार से 4 लाख 7 हजार रुपये तक मिलेंगे। इस फैसले से कर्मचारियों को कुल मिलाकर करीब 2000 करोड़ रुपये का लाभ मिलने का अनुमान है।







