रायपुर-विशाखापट्नम भारतमाला परियोजना घोटाले का मास्टर माइंड गिरफ्तार

रायपुर। भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला के मास्टर माइंड शशिकांत कुर्रे और उनके सहयोगी लखेश्वर प्रसाद किरण को ईओडब्ल्यू की टीम ने गिरफ्तार कर न्यायालय मे पेश किया जहां से उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर ले लिया है।
उल्लेखनीय है कि रायपुर-विशाखापट्नम भारतमाला परियोजना के अंतर्गत आने वाली भूमि को लेकर मास्टर माइंड शशिकांत कुर्रे उस समय अभनपुर के तहसीलदार के पद पर थे और दूसरा आरोपी लखेश्वर प्रसाद किरण गोबरा नवापारा नयाब तहसीलदार के पद पर पदस्थ था। इस घोटाले के मास्टर माइंड शशिकांड कुर्रे ने अपने अधिनस्थ सहयोगियों के साथ मिलकर कूटरचित राजस्व अभिलेख दस्तावेज तैयार कर प्रभावित भू-स्वामियों को वास्तविक मुआवजा से कई गुना अधिक मुआवजा राशि दिलवाकर शासन को करोड़ों रूपये की आर्थिक नुकसान पहुंचाया था। इन दोनों आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी जिसे माननीय न्यायालय ने निरस्त कर इनके खिलाफ गिरफ्तारी आदेश जारी था। इसी के तहत दोनों शशिकांत कुर्रे और लखेश्वर प्रसाद किरण को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से रिमांड पर लेकर दोनों से पूछताछ की जा रही है।
अभनपुर के भारतमाला परियोजना के 324 करोड़ के मुआवजा घोटाले में रायपुर कलेक्टर ने अपनी रिपोर्ट में तत्कालीन तहसीलदार को मास्टरमाइंड बताया था। घोटाले को अंजाम देने वाले तहसीलदार को सरकार ने 2021 में प्रमोट कर डिप्टी कलेक्टर बना दिया। मुआवजा घोटाले के दौरान 2019 से लेकर 2021 तक शशिकांत अभनपुर के तहसीलदार रहे। बताते हैं, मुआवजा के खेल का शशिकांत सूत्रधार रहे। शशिकांत ने ही 32 खसरों को 247 छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट दिया ताकि लोगों को आठ गुना मुआवजा दिलाया जा सके। इन दोनों आरोपियों के खिलाफ ईओडब्ल्यू में अपराध क्रमांक 30/2025, धारा 467, 468, 471, 420, 409, 120बी, भा.द.वि. एवं 7 सी, 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 यथासंशोधित अधिनियम 2018 दर्ज है।







