रायपुर में वाहन किराया घोटाला सरकारी ड्यूटी के नाम पर 25 गाड़ियां गायब, करोड़ों की ठगी

राजधानी रायपुर में सरकारी विभागों में वाहन किराए पर लगाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रेम साहू, शशिकांत यादव और रोहित सरोज नामक व्यक्तियों ने करीब 25 से अधिक वाहन मालिकों को भरोसे में लेकर उनकी नई गाड़ियां सरकारी और निजी विभागों में अच्छे किराए पर लगाने का वादा किया और विधिवत एग्रीमेंट कर वाहन अपने कब्जे में ले लिए। पिछले छह महीनों से वाहन मालिकों को किराया नहीं मिला है, जबकि गाड़ियों में लगे GPS सिस्टम भी बंद या हटाए जा चुके हैं। पीड़ितों को आशंका है कि वाहन गिरवी रख दिए गए या बेच दिए गए हैं। मामले की शिकायत लेकर वाहन मालिक कांग्रेस नेता पंकज शर्मा और बिरगांव महापौर नंदलाल देवांगन के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई तथा गाड़ियों की बरामदगी की मांग की। वहीं प्रेम साहू का कहना है कि वह गाड़ियां शशिकांत यादव और रोहित सरोज को देता था, जो उन्हें सरकारी व निजी विभागों में लगाने की बात कहते थे, लेकिन बाद में पता चला कि वाहन कथित रूप से गिरवी रखे या बेचे जा रहे थे। पीड़ितों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सिविल लाइन थाने में आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।







