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रायपुर एयरपोर्ट को किया जाएगा कृषि कार्गो पोर्ट के रुप में विकसित, कई जिलों में होगा नए रेलवे स्टेशन का निर्माण

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रायपुर। केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने केंद्रीय बजट और सरकार के 11 साल के विकास की जानकारी साझा करते हुए पत्रकारों को बताया कि रेलवे क्षेत्र में देशभर में 7 नए रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। कुल 54 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय में छत्तीसगढ़ को 50,427 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा। राज्य सरकार को 9,704 करोड़ रुपये, जबकि रेलवे विकास के लिए 7,770 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। छत्तीसगढ़ में ब्रॉडगेज विस्तार, रायपुर-दुर्ग सहित कई जिलों में नए रेलवे स्टेशन निर्माण तथा 34 हजार करोड़ के सड़कों के विस्तार की घोषणा की गई है। रायपुर और जगदलपुर क्षेत्र के विकास के साथ-साथ रायपुर एयरपोर्ट को कृषि कार्गो पोर्ट के रूप में विकसित किया गया है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में 1 लाख हेल्थ वर्कर और 1.5 लाख केयरगिवर तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा 5 मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे। शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में 5 यूनिवर्सिटी हब विकसित किए जाएंगे। खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेलो इंडिया मिशन के तहत स्पोर्टस साइंस शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा तथा 10 हजार गाइडों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह बजट देश के लिए अगले 25 वर्षों के फाइनेंशियल विजन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों पर केंद्रित है- पहला, देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना, दूसरा, इंफ्रास्ट्रक्चर को व्यापक रूप से बढ़ावा देना और तीसरा गरीब परिवारों एवं मध्यम उद्योगों को सशक्त बनाना। छत्तीसगढ़ में कृषि के लिए अमृत सरोवर के तहत मछली पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके साथ ही बड़े औद्योगिक उपकरणों एवं मशीनरी के निर्माण को भी देश के भीतर ही विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना के तहत स्थानीय निर्माण उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बजट में इक्विटी और निवेश विशेषज्ञता पर भी फोकस किया गया है। राज्यों को कुल 1.85 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत अधिक है। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में रिस्क पॉलिसी लागू की गई है, जिससे प्राकृतिक आपदाओं या दुर्घटनाओं से व्यापार को होने वाले नुकसान से बचाव किया जा सके।
कोयले के ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम में सुधार के साथ-साथ कार्गो कोस्टल ट्रांसपोर्टेशन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। कार्बन कैप्चर स्टोरेज के लिए अगले पांच वर्षों में 20 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे शहरी प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित किया जा सके।

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