इंदौर में दाल कारोबारियों की मांग मंडी टैक्स में राहत और आधुनिक फैक्ट्रियों पर सरकार का समर्थन

मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के तीन दिवसीय GrainEx India कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया। कार्यक्रम में दाल कारोबारियों ने सीधे सरकार के सामने अपनी आर्थिक परेशानियों को रखा। उनकी सबसे बड़ी मांग थी — मंडी टैक्स में राहत और शहर के बीच चल रही अनाज मंडी को बाहर शिफ्ट करना। कार्यक्रम में लगी प्रदर्शनी में दाल मिल उद्योग से जुड़ी आधुनिक मशीनें और नई तकनीकें दिखाई गईं, लेकिन असली चर्चा मशीनों से ज्यादा नीतियों और टैक्स बोझ पर हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश अब देश का “फूड बास्केट” बन चुका है और दाल उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार काम कर रही है। उन्होंने मसूर और उड़द की खेती बढ़ाने के लिए बोनस योजना लाने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया। मंच से व्यापारियों को संदेश मिला कि फैक्ट्रियां लगाइए, आधुनिक मशीनें लगाइए, प्रोसेसिंग बढ़ाइए, सरकार साथ देगी। इंदौर के इस उद्योग मंच से स्पष्ट हो गया कि दाल कारोबार अब केवल व्यापार नहीं, बल्कि नीति और राजनीति का भी बड़ा मुद्दा बन चुका है।







