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शादी सीजन में ट्रेनों की रद्दीकरण पर सियासत गरम, रेलवे का फैसला छत्तीसगढ़िया जनता के साथ भेदभाव – मिहिर

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रायपुर। शादी के व्यस्त सीजन में छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में लोकल ट्रेनों के रद्द होने पर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने रेलवे के इस फैसले को “जनविरोधी और भेदभावपूर्ण” बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई है।
मिहिर कुर्मी ने कहा कि देश के सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले बिलासपुर रेलवे ज़ोन में ही 10 से अधिक लोकल व मेमू ट्रेनों को रद्द करना सीधे-सीधे छत्तीसगढ़िया यात्रियों के साथ अन्याय है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर–झारसुगड़ा रेलखंड में चौथी लाइन को अकलतरा स्टेशन से जोड़ने के कार्य के चलते 11 से 18 अप्रैल के बीच कई महत्वपूर्ण ट्रेन सेवाएं प्रभावित की गई हैं।
इस दौरान बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा और रायपुर के बीच चलने वाली कुल 14 ट्रेनें या तो पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं या फिर आंशिक रूप से संचालित की जा रही हैं। गोंदिया–झारसुगड़ा पैसेंजर को बीच में ही समाप्त किया जा रहा है, जबकि कोरबा–रायपुर हसदेव एक्सप्रेस को पैसेंजर ट्रेन के रूप में सीमित कर दिया गया है।
कुर्मी ने सवाल उठाया कि जब शादी-ब्याह का सीजन अपने चरम पर है, तब इस तरह से ट्रेनों को रद्द करना आम जनता की परेशानियों को नजरअंदाज करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे विभाग आम यात्रियों की सुविधाओं की अनदेखी कर रहा है, जबकि निजी और कॉर्पोरेट हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा, “रेलवे विभाग पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर या आधे रास्ते में रोककर छत्तीसगढ़िया जनता के साथ अन्याय कर रहा है। आम आदमी को हो रही परेशानी की कोई चिंता नहीं है, लेकिन बड़े उद्योगपतियों की ट्रेनों को समय पर चलाया जा रहा है।”
आम आदमी पार्टी ने रेलवे से मांग की है कि शादी सीजन को देखते हुए ट्रेनों के संचालन पर पुनर्विचार किया जाए और यात्रियों को राहत देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं तत्काल लागू की जाएं।

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