Chhattisgarh
प्रधानमंत्री आवास योजना की लापरवाही से वृद्ध महिला की मुश्किलें बढ़ीं

गांव की 68 वर्षीय हराबाई नायक पिछले साल प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की मंजूरी पाने के बावजूद अपने टूटे मकान की दीवारों पर तिरपाल डालकर पति और बेटे के साथ रहने को मजबूर थीं। उनके खाते में निर्माण की पहली किश्त नहीं आई, और साल भर तक उन्होंने चार अलग-अलग बैंकों में खाता खुलवाया और लगभग 20 बार जनपद कार्यालय का चक्कर लगाया, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। थक-हार कर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी, जिससे मीडिया में खबर आई और जिम्मेदार अधिकारियों ने उनसे संपर्क कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया।







