मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने किया वक्फ संशोधन कानून का स्वागत

00 यह कानून देश के गरीब मुसलमानों को न्याय देने वाला है
रायपुर। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक डॉ. सलीम राज, छत्तीसगढ़ प्रांत सयोजक युनूस कुरैशी एवं सह संयोजक रिजवान पटवा ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में केन्द्र की एन.डी.ए. सरकार द्वारा वक्फ अधिनियम में किये गये संशोधनो का स्वागत करते हुए कहा कि यह कानून देश के गरीब मुसलमानों को न्याय देने वाला कानून है। वक्फ एक्ट में संशोधन एवं सुधार समय के अनुसार होना चाहिये, वर्तमान में जो विसंगतिया है उसे दूर किये जाने के लिये यह कानून लाया जा रहा है, जिसका प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार का स्वागत करते है।
उन्होने कहा कि वक्फ बोर्ड गरीब मुसलमानों के उत्थान के लिये बनाया गया था। वक्फ संपत्ती को ईश्वर (अल्लाह) की संपत्ती माना जाता है। उसके विपरित वक्फ एक्ट की शक्तियों का सिर्फ दुरूपयोग ही हो रहा है। देश के संघराज्य एवं राज्य वक्फ बोर्ड को प्राप्त असीमित अधिकार एवं शक्तियों के कारण यह मजहबी जमींदारी, भ्रष्टाचार एवं भूमाफियाओं को संरक्षण दे रहा है। वर्तमान वक्फ एक्ट पूरी तरह से निरंकुश है इससे आम मुसलमानों को कोई फायदा नही हो रहा है। संशोधित वक्फ कानून जमींदारी की दादागिरी तथा भूमाफिया एवं अतिक्रमणकारियों पर नकेल कसने वाला कानून है। वक्फ संपत्तीयों के मामलों में शासन को अधिकार व शक्तियां प्रदान करने वाला कानून है।
उन्होने कहा कि, वक्फ अधिनियम की धारा 09 एवं 14 में बदलाव से बोर्ड और अधिक सशक्त एवं प्रभावशील होगा। वक्फ संपत्ती का पंजीयन सत्यापन से होगा जिससे वक्फ कानून 2013 के दुरूपयोग को रोका जा सकेगा। कलेक्टर को वक्फ संपत्ती के मामले में शामिल किये जाने से वक्फ बोर्ड का कार्य और अधिक प्रभावशील होगा। नये संशोधन कानून से मुस्लिम समाज के गरीब, तलाकशुदा, विधवा के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास के लिये वक्फ बोर्ड कार्य कर सकेगा। पूर्व में भी काँग्रेस सरकार द्वारा वक्फ एक्ट में समय समय पर संशोधन हुआ है। वक्फ बोर्ड के पास 8.7 लाख की संपत्ती, 9.4 लाख एकड़ के लगभग जमीन है जिसमें 8,55,646 की अचल संपत्ती, चल सपत्ती 16,713, डिजिटल संपत्ती 3,29,995 है। इसका सदुपयोग होने से नि:संदेह देश के गरीब मुस्लिम समाज को सीधा फायदा होगा व उनकी शैक्षणिक एवं आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
