National

एक करोड़ के इनामी माओवादी प्रशांत बोस ने RIMS में ली अंतिम सांस

Share

रांची। होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद माओवादियों के सबसे बड़े पोलित ब्यूरो सदस्य एक करोड़ रुपये के इनामी रहे 80 वर्षीय प्रशांत बोस उर्फ किशन दा उर्फ मनीष उर्फ बुद्धा की तबीयत बिगड़ने के बाद उपचार के लिये शुक्रवार की सुबह राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। प्रशांत बोस को और उनकी पत्नी शीला मरांडी को झारखंड पुलिस ने सरायकेला-खरसांवा जिले में गिद्दिबेड़ा टोल प्लाजा से 12 नवंबर 2021 को चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया था।
प्रशांत बोस सरायकेला जेल में बंद थे। शुक्रवार तड़के उन्हें सांस लेने में गंभीर दिक्कत हुई। सुबह करीब 6 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें रिम्स अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज शुरू किया। इलाज के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और सुबह करीब 10 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के जादवपुर स्थित 7/12 सी विजयगढ़ कालोनी के मूल निवासी प्रशांत बोस माओवादी आंदोलन के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। उन्हें सीपीआई के महासचिव नंबाला केशव राव के बाद दूसरा सबसे बड़ा नेता माना जाता था। वे केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो के प्रमुख सदस्य थे और संगठन के पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो के सचिव भी रह चुके थे। माओवादी सर्कल में उन्हें ‘मनीष’ और ‘बुद्धा’ जैसे कई नामों से जाना जाता था। करीब चार दशकों तक सक्रिय रहने वाले बोस को संगठन का बड़ा रणनीतिकार, थिंक टैंक और विचारक माना जाता था।
प्रशांत बोस माओवादियों के देश के दूसरे सबसे बड़े नेता थे। बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना व महाराष्ट्र में उनकी सक्रियता थी। वह इन राज्यों में भाकपा माओवादियों के गुरिल्ला आर्मी का नेतृत्व करते थे। वर्ष 2004 से पहले वह माओवादियों के प्रमुख बन गया था। उसकी सक्रियता 90 के दशक में बढ़ी और इसके बाद हत्या, आपराधिक साजिश सहित सैकड़ों माओवादी घटनाओं में उनकी संलिप्तता रही। सारंडा में 16 जवानों की शहादत सहित कई बड़ी घटनाओं में उसकी संलिप्तता का आरोप था।

GLIBS WhatsApp Group
Show More
Back to top button