महाराष्ट्र मंडल की मांग- छत्रपति शिवाजी, लोकमाता अहिल्याबाई और वीर सावरकर पाठ्य पुस्तकों में करें शामिल

रायपुर। हिंदू नववर्ष और केशव बलिराम हेडगेवार की जयंती पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, स्वदेश समूह संपादक अतुल तारे, स्थानीय संपादक जयप्रकाश मिश्रा और बृहन्महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़ प्रभारी सुबोध टोले ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से सौजन्य भेंट कर उन्हें हिंदू नवर्ष की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उन्हें नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का संग्रहालय बनाने का अनुरोध किया गया। वहीं छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमाता अहिल्या बाई और वीर सावरकर के प्रसंगों को छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक में शामिल करने की मांग की गई। मंडल की मांग को गंभीरता से लेते हुए डॉ. रमन सिंह ने इन प्रस्तावों पर यथोचित कार्रवाई कर जल्द शासन को भेजने की बात कहीं।
मंडल के प्रस्ताव नवा रायपुर में हेडगेवार संग्रहालय, पाठ्य पुस्तकों में शिवाजी महाराज, अहिल्या बाई और विनायक सावरकर के प्रसंगों को जोडऩे व युवाओं को पोर्टब्लेयर अंडमान स्थित सेल्यूलर जेल में भ्रमण कराने की प्रशंसा करते हुए डॉ. रमन सिंह कहा कि नि:संदेह मंडल द्वारा दिए गए सभी प्रस्ताव युवा पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी है। इसके क्रियान्वयन के लिए शासन को जल्द पत्र भेजा जाएगा।
मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि भावी पीढ़ी को देश के वीर सपूतों और उनके बलिदान से अवगत कराने के लिए प्रतिवर्ष कुछ युवाओं को पोर्टब्लेयर अंडमान स्थित सेल्यूलर जेल में भ्रमण कराने का प्रस्ताव है। डॉ. रमन ने इस प्रस्ताव का परीक्षण कराकर नियमानुसार उचित कार्यवाही करने का निर्देश अपने स्टाफ को दिया। इस संदर्भ में पहले भी महाराष्ट्र मंडल ने डॉ. रमन को ज्ञापन सौंपा था। काले ने आगे कहा कि इसी तरह स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर, लोकमाता अहिल्या बाई, छत्रपति वीर शिवाजी महाराज के जीवन के प्रसंगों को शालेय पाठ्य पुस्तकों को शामिल करने की मांग भी लगातार की जा रही है। भारत मां की इन महान विभूतियों की जीवनी के प्रेरक प्रसंगों को पाठ्य पुस्तकों में शामिल करने से बच्चों के बालमन में अपनी संस्कृति और देशप्रेम की भावना जागृत करने में मदद मिलेगी।
काले के अनुसार मंडल ने इसी तरह लोकमाता अहिल्या बाई और छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन प्रसंगों को पाठ्यक्रमों में शामिल करने की मांग की गई है। स्वदेश के संपादक अतुल तारे ने डॉ. रमन सिंह से मंडल के जनकल्याणकारी उपयोगी सुझाओं पर क्रियान्वयन का निवेदन किया।







