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लईका घर योजना से कुपोषण पर प्रहार, 11 गंभीर कुपोषित बच्चों को एनआरसी में कराया गया भर्ती

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य तथा सहयोगी संस्थाओं के समन्वय से संचालित लईका घर योजना अब कुपोषित एवं बीमार बच्चों के लिए संबल बन रही है। योजना के अंतर्गत चिन्हांकित बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार एवं पोषण सुधार हेतु विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

विशेष स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से बच्चों को मिल रहा बेहतर उपचार

बलरामपुर जिले में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से संचालित लईका घर योजना के तहत 132 बच्चों का चिन्हांकन किया गया है। इन बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं समुचित उपचार के लिए चरणबद्ध तरीके से स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। अब तक पस्ता एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डूमरखोला में आयोजित शिविरों में 77 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया। शिविरों के दौरान 11 गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया गया। इसके अलावा 4 बच्चों में जन्मजात हृदय रोग तथा 2 बच्चों में टीबी के संभावित लक्षण पाए गए, जिनकी विशेष जांच एवं उपचार की प्रक्रिया शुरू की गई है। अन्य बीमारियों से ग्रसित 3 बच्चों को जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। शिविर में बच्चों को आवश्यक दवाइयों का वितरण भी किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों की नियमित निगरानी की जा रही है तथा कुपोषण से प्रभावित बच्चों को समय पर उपचार और पोषण सहायता उपलब्ध कराने के लिए विशेष रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है।
आगामी दिनों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महाराजगंज में भी विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा, जहां 48 चिन्हांकित बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार की व्यवस्था की गई है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।

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