अवैध प्लाटिंग को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने लिया कड़ा फैसला

रायपुर। राजधानी रायपुर में भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा फैसला लेते हुए अवैध प्लाटिंग और निर्माण कार्यों पर नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए प्रशासन ने पांच विशेष जांच टीमों का गठन किया है, जिसमें अपर कलेक्टर, तहसीलदार और नगर निगम के अधिकारी शामिल हैं। इन टीमों को रायपुर जिले में अवैध प्लाटिंग और निर्माण की जांच का जिम्मा सौंपा गया है, ताकि भू-माफियाओं पर लगाम लगाई जा सके और आम नागरिकों को हो रही परेशानियों का समाधान हो। रायपुर नगर निगम, तिल्दा, धरसींवा, मंदिरहसौद, आरंग और अभनपुर क्षेत्रों से प्रशासन को अब तक 2000 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन शिकायतों में अवैध प्लाटिंग और निर्माण के कारण जलनिकासी, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं का जिक्र है। इन अवैध निर्माणों से न केवल नागरिकों का जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि शहर की संरचना पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
