मजदूरों-किसानों, ग्रामीणों और नौजवानों के लिए बंगोली गांव में जसम ने खोला भगत सिंह-अंबेडकर पुस्तकालय

रायपुर। भगत सिंह और उनके साथियों के शहादत दिवस पर 23 मार्च को जन संस्कृति मंच छत्तीसगढ़ ने रायपुर जिले के ग्राम बंगोली में भगत सिंह-अंबेडकर पुस्तकालय का शुभारंभ किया। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले जब जसम ने अपना 40 वां स्थापना दिवस समारोह मनाया था तब ग्राम बंगोली में किसानों-मजदूरों और ग्रामीण नौजवानों के लिए एक पुस्तकालय खोलने का संकल्प लिया था. अब यह पुस्तकालय लगभग सौ किताबों और 80 ज़रुरी पत्रिकाओं के साथ प्रारंभ कर दिया गया है.
इस पुस्तकालय को देश के नामचीन आलोचक सियाराम शर्मा ने महत्वपूर्ण शुरुआत बताया. उन्होंने कहा कि जिस रोज़ हम यह जान लेते हैं कि हमें क्या पढऩा और क्यों पढऩा है…उस रोज़ हमारी जिंदगी बदल जाती है. अच्छी किताबें समाज में संवेदनशील और बेहतरीन नागरिक को तैयार करने का काम करती है.उन्होंने कहा कि सूचनाओं के विस्फोटक युग में मोबाइल हमें सब कुछ दे सकता है, लेकिन वह हमें एकाग्र होकर ठहरने और सोचने-समझने का मौका नहीं दे सकता है. उन्होंने छात्रों और नौजवानों से आह्वान किया कि वे पढऩे-लिखने की आदत को बरकरार रखते हुए बेहतर समाज के निर्माण में अपना योगदान दें. उन्होंने बताया कि पुस्तकालय का नाम महान क्रांतिकारी भगत सिंह और संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर के नाम से इसलिए रखा गया है क्योंकि दोनों ही विभूतियां पढऩे-लिखने और प्रतिरोध का महत्व समझती थीं. सामाजिक न्याय के योद्धा संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर मानते थे कि शिक्षित हुए बगैर जीवन में बदलाव मुमकिन नहीं है तो जेल में रहने के दौरान भी भगत सिंह किताबों का विशद अध्ययन इसलिए कर रहे थे ताकि वे देश-दुनिया में होने वाली क्रांति को समझ सकें.
सीपीआई-एमएल के राज्य सचिव बृजेन्द्र तिवारी ने कहा कि वैचारिक $िकताबें यह समझने का मौका देती है कि देश और दुनिया में क्या कुछ अच्छा और बुरा घट रहा है. गांव बंगोली के निवासी एवं सीपीआई-एमएल के जिला सचिव नरोत्तम शर्मा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बंगोली लंबे समय से आंदोलन का केंद्र रहा है, लेकिन अब वह पढऩे-लिखने का केंद्र भी बनकर उभरेगा. पुस्तकालय के उद्घाटन को राजेन्द्र परगनिहा, मुक्तानंद साहू और तेजराम विद्रोही ने महत्वपूर्ण कदम बताया. कार्यक्रम का संचालन संस्कृतिकर्मी राजकुमार सोनी ने किया.
इस मौके पर निर्झर शर्मा, विद्या यादव, पल्लवी बैरागी, श्वेता, वंदना, संगीता, ममता बैरागी, बिसहत कुर्रे, आरपी गजेन्द्र, एल सांगोडे, भुन्नूराम, केशव साहू सहित अनेक ग्रामीण मौजूद थे.







