माता-पिता के आशीर्वाद से ही संतान अपने जीवन में ऊँचाइयों को प्राप्त करती है

रायपुर। गुरुकुल महिला महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में मातृ-पितृ दिवस का अत्यंत गरिमामय एवं भावनात्मक आयोजन किया गया। प्राचार्य डॉ संध्या गुप्ता ने कहा कि माता-पिता हमारे जीवन के प्रथम गुरु हैं, जिनके त्याग, समर्पण और मार्गदर्शन से ही हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर पाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता के सम्मान और सेवा को जीवन का सर्वोच्च कर्तव्य मानने की प्रेरणा दी। माता-पिता का स्नेह, त्याग और मार्गदर्शन ही संतान के व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला है। उनके संस्कार ही जीवन की सबसे बड़ी पूँजी हैं।
डॉ. राजेश अग्रवाल ने अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज की तेज़ रफ्तार जीवनशैली में भी हमें अपने माता-पिता के संस्कारों और अनुभवों को नहीं भूलना चाहिए।डॉ सीमा चंद्राकर ने कहा माता-पिता के आशीर्वाद से ही संतान अपने जीवन में ऊँचाइयों को प्राप्त करती है। उन्होंने मातृ-पितृ दिवस जैसे आयोजनों को भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर छात्राओं ने गीत, कविता पाठ के माध्यम से माता-पिता के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। छात्राओं द्वारा सभी शिक्षकों को तिलक लगा कर, श्रीफल दे कर और चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेने का दृश्य अत्यंत मार्मिक रहा।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्राओं द्वारा अपने भाव व विचारों को साझा किये और अपने माता पिता, शिक्षकों को धन्यवाद दिए। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन में संपूर्ण आयोजन स्वयंसेवको ने सुव्यवस्थित रूप से संपन्न किया। यह आयोजन माता-पिता के प्रति सम्मान और संस्कारों के संरक्षण का एक सशक्त संदेश था।







