अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर रुस्तम सारंग बने खेल विभाग में सहायक संचालक

छत्तीसगढ़ के अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर रुस्तम सारंग को राज्य शासन द्वारा खेल एवं युवा कल्याण विभाग में प्रतिनियुक्ति देते हुए सहायक संचालक के पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी खेल उपलब्धियों और लंबे अनुभव को देखते हुए यह महत्वपूर्ण दायित्व दिया गया है, ताकि प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को उनके अनुभव का लाभ मिल सके। इस अवसर पर सारंग ने छत्तीसगढ़ शासन तथा उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों से अन्य दायित्वों के कारण वे खेल प्रशिक्षण से दूर थे, जिससे कई युवा खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण लेने में कठिनाई हो रही थी, लेकिन अब नई जिम्मेदारी के साथ वे फिर से खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे। रुस्तम सारंग का खेल करियर कई उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने 2005 में जूनियर एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और छत्तीसगढ़ के पहले अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर बने। इसके बाद 2006 सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य और 2007 में National Games of India 2007 में रजत पदक हासिल किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने 2009 मलेशिया, 2011 दक्षिण अफ्रीका और 2012 समोआ में कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया। उन्होंने 2011 पेरिस और 2014 कजाखस्तान में आयोजित वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर कई जूनियर और सीनियर चैंपियनशिप तथा 2015 के National Games of India 2015 में स्वर्ण पदक जीते। खेलों में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें शहीद कौशल यादव खेल पुरस्कार, शहीद राजीव पांडेय खेल पुरस्कार और गुंडाधुर सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। वे छत्तीसगढ़ पुलिस में डीएसपी के पद पर भी पदस्थ रहे हैं और Sports Authority of India (SAI) पटियाला से स्पोर्ट्स कोचिंग में डिप्लोमा प्राप्त कर कई युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे चुके हैं। हाल ही में खेल से संन्यास लेने के बाद अब नई प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ उनसे प्रदेश के खिलाड़ियों को नई दिशा देने की उम्मीद की जा रही है।







