दपूमरे मुख्यालय में इंटर-ज़ोनल सतर्कता ऑडिट समीक्षा बैठक का आयोजन

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, मुख्यालय, बिलासपुर में इंटर-ज़ोनल सतर्कता ऑडिट के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण इंटर-ज़ोनल सतर्कता ऑडिट समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह ऑडिट पश्चिम मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर), जबलपुर की सतर्कता टीम द्वारा किया गया। बैठक में श्री तरुण प्रकाश, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, अपर महाप्रबंधक, सभी प्रधान विभागाध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं पश्चिम मध्य रेलवे की सतर्कता टीम का नेतृत्व वरिष्ठ उप महाप्रबंधक, श्री नीरज कुमार ने किया, जिनके साथ विभिन्न विभागों के वरिष्ठ सतर्कता अधिकारी भी शामिल थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ पश्चिम मध्य रेलवे की सतर्कता टीम के स्वागत से हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ उप महाप्रबंधक सह मुख्य सतर्कता अधिकारी, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, श्री मनोज गुरुमुखी ने स्वागत संबोधन देते हुए इंटर-ज़ोनल सतर्कता ऑडिट के महत्व पर प्रकाश डाला। बैठक के दौरान पश्चिम मध्य रेलवे की सतर्कता टीम द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में संचालित विभिन्न सतर्कता तंत्र, निवारक उपायों तथा विभागों में लागू प्रणालीगत सुधारों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके पश्चात वरिष्ठ उप महाप्रबंधक, पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में संचालित सतर्कता गतिविधियों, पहलों और उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।
इस समीक्षा बैठक के माध्यम से दोनों जोनों के अधिकारियों को श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा करने, प्रणालीगत सुधारों की पहचान करने तथा संगठन में पारदर्शिता और जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ बनाने का अवसर मिला। बैठक को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने कहा कि सतर्कता ऑडिट भारतीय रेल में ईमानदारी, पारदर्शिता तथा नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुपालन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे ऑडिट से प्राप्त रचनात्मक सुझाव और अनुशंसाएँ संगठन की आंतरिक प्रणालियों को मजबूत करने तथा सुशासन को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होती हैं।
सतर्कता ऑडिट के दौरान भविष्य की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें सतर्कता प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा निवारक सतर्कता तंत्र को सुदृढ़ करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।यह इंटर-ज़ोनल सतर्कता ऑडिट पारदर्शी प्रशासन, जवाबदेही और बेहतर कार्यप्रणाली की दिशा में भारतीय रेल के सतत प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।







