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विदेश में कमाई गई इंकम पर भी भारत में लगता है टैक्स – सीए विरानी

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रायपुर। तारवानी एंड एसोसिएट्स द्वारा आयोजित आर्टिकल स्टडी मीट में नॉन रेसिडेंट टैक्सेशन एव डबल टैक्सेशन एग्रीमेंट अनिवासी विषय पर एक विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक सत्र का आयोजन किया गया। सत्र की शुरुआत इस मूल प्रश्न से की गई कि कोई व्यक्ति भारत में निवासी या अनिवासी कब माना जाता है। भारत के आयकर अधिनियम के अनुसार, वह व्यक्ति निवासी माना जाता है जो किसी वित्तीय वर्ष में भारत में 182 दिनों से अधिक समय तक निवास करता हो, अथवा जिसने संबंधित वर्ष में कम से कम 60 दिन भारत में निवास किया हो तथा उससे पूर्व के चार वर्षों में कुल मिलाकर 365 दिनों तक भारत में निवास किया हो। वहीं, अनिवासी व्यक्ति वह माना जाता है जो किसी वित्तीय वर्ष में भारत में 182 दिनों से कम समय तक रहा हो, तथा संबंधित वर्ष में 60 दिनों से कम और उससे पूर्व के चार वर्षों में कुल 365 दिनों से कम भारत में निवास किया हो।उन्होंने स्पष्ट किया कि निवासी व्यक्ति की पूरी विश्व-स्तरीय आय भारत में टैक्स के दायरे में आती है, जबकि अनिवासी व्यक्ति की केवल वही आय टैक्स योग्य होती है जिसका स्रोत भारत में है। इससे अनिवासी भारतीय को टैक्स प्लानिंग में बड़ी राहत मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि अनिवासी व्यक्ति के लिए भारत में कौन-कौन सी आय टैक्सेबल होती है, जैसे भारत में की गई नौकरी की सैलरी ,भारत में स्थित मकान से किराया ,भारतीय प्रॉपर्टी या शेयर बेचने पर कैपिटल गेन ,एनआरओ अकाउंट से ब्याज भारत में स्थायी कार्यालय के माध्यम से बिज़नेस या प्रोफेशनल कमाई। यह भी समझाया गया कि भारत में कर व्यक्ति पर नहीं, बल्कि आय के स्रोत के आधार पर लगाया जाता है।
सत्र का एक महत्वपूर्ण भाग दोहरे कर से बचाव समझौते पर केंद्रित रहा। इसमें बताया गया कि यह समझौता किस प्रकार एक ही आय पर दो देशों में कर लगने से बचाता है। आयकर अधिनियम की धारा 90 एवं धारा 91 की विस्तृत व्याख्या भी की गई। सीए मधुर विरानी ने बताया कि यदि भारत का किसी अन्य देश के साथ दोहरे कर से बचाव समझौता मौजूद है, तो ऐसे मामलों में आयकर अधिनियम की धारा 90 लागू होती है, जिसके अंतर्गत करदाता को कर छूट अथवा कर समायोजन का लाभ प्राप्त होता है। वहीं, यदि भारत का किसी देश के साथ कोई कर समझौता नहीं है, तब भी करदाता को दोहरे कर से राहत प्रदान करने के लिए धारा 91 के अंतर्गत एकपक्षीय राहत उपलब्ध कराई जाती है।
सत्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं आर्टिकल्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें सीए चेतन तारवानी, सीए सिद्धांत माखीजा, सीए सुरक्षा तारवानी, सीए अविनाश लेखवानी, लोकेश अग्रवाल, वंशिका अग्रवाल, वंश थौरानी, तुषार सिंह राजपूत, कशिश ऐलसिंघानी, कोमल राठी, साधना साहू, मनीष असलानी, देवेश गिधवानी, मुस्कान नारा, आर्ची नानवानी, यक्षा चावला, प्रशांत माथानी, माहिर सोनी तथा वरुण खूबचंदानी उपस्थित थे।

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