बीते वर्ष में रायपुर रेल मंडल में अवसंरचना, संरक्षा व ट्रैक अनुरक्षण जैसे अनेक महत्पूर्ण कार्य हुए

रायपुर। रेलवे प्रशासन द्वारा दिसंबर 2025 माह के दौरान अवसंरचना विकास, संरक्षा संवर्धन तथा ट्रैक अनुरक्षण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए हैं। ये कार्य यात्रियों एवं आम जनता को सुरक्षित, तेज़ तथा अधिक विश्वसनीय रेल सेवाएँ प्रदान करने की दिशा में रेलवे की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। प्रमुख उपलब्धियाँ निम्नलिखित हैं:
1. जन-सुरक्षा हेतु समपार फाटकों का समापन
दुर्घटनाओं की संभावना को समाप्त करने तथा सड़क-रेल संपर्क बिंदुओं पर सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से निम्नलिखित समपार फाटकों को माह के दौरान स्थायी रूप से बंद किया गया:
समपार फाटक संख्या 378, निपनिया यार्ड, कि.मी. 749/13-15
समपार फाटक संख्या 404, बैकुंठ-सिलयारी खंड, कि.मी. 802/21-23
इन समपार फाटकों के बंद होने से सड़क एवं रेल यातायात के बीच टकराव की संभावना में कमी आई है तथा ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित एवं सुचारु हुआ है।
2. स्थायी गति प्रतिबंध हटाकर लाइन गति में वृद्धि
गिर्डर पुल पर असंगत एलाइनमेंट के कारणसरोना-कुम्हारी मिडिल लाइनपर लगाया गया110 किमी प्रति घंटा का स्थायी गति प्रतिबंध सफलतापूर्वक हटाया गया है।
इसके लिए निम्न सुधारात्मक कार्य किए गए:
चैनल स्लीपरों का नवीनीकरण तथा पुल संख्या 373 मिड (खारुन पुल)पर एलाइनमेंट रिटेनरों की व्यवस्था। इन कार्यों के परिणामस्वरूप दिनांक 30.12.2025 से अधिकतम अनुमेय गति बढ़ाकर130 किमी प्रति घंटा कर दी गई है, जिससे लाइन क्षमता में वृद्धि, बेहतर संचालन एवं यात्रा समय में कमी आई है।
3. यार्ड सुधार एवं लेआउट करेक्शन कार्य
निपनिया यार्ड में क्रॉस ओवर संख्या 41की लंबाई में सुधार कर यार्ड सुधार कार्य किया गया, जिससे परिचालन दक्षता एवं सुरक्षा में वृद्धि हुई है।
इसके साथ ही दिसंबर 2025 तक कुल तीन (03) ले आउट करेक्शन कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं:
निपनिया यार्ड – क्रॉसओवर संख्या 41ए
आर.एस.डी. यार्ड – क्रॉसओवर संख्या 73 बी
मरौदा यार्ड – क्रॉसओवर संख्या 43ए
ये सुधार यार्ड क्षेत्रों में ट्रेनों की सुचारु आवाजाही, परिचालन लचीलापन एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक हैं।
4. ट्रैक नवीनीकरण एवं निवारक अनुरक्षण कार्य
ट्रैक की दीर्घकालिक मजबूती एवं सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने हेतु निम्नलिखित नवीनीकरण एवं अनुरक्षण कार्य किए गए:
रेल नवीनीकरण : 1.4 कि.मी.
स्लीपर नवीनीकरण : 7.1 कि.मी.
ट्रैक की डीप स्क्रीनिंग : 9.55 कि.मी.
टर्नआउट की डीप स्क्रीनिंग : 10 संख्या
इन कार्यों से बैलास्ट की स्थिति, ट्रैक ज्यामिति एवं राइडिंग क्वालिटी में सुधार हुआ है।
5. अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन परीक्षण
रेल में आंतरिक दोषों की समय पर पहचान एवं रेल फ्रैक्चर की रोकथाम हेतु483.44 कि.मी.ट्रैक पर यूएसएफडी परीक्षणकिया गया। यह परीक्षण रेल की संरचनात्मक मजबूती सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।







