छत्तीसगढ़ में निषाद समाज ने सगाई के बाद युवक-युवतियों के बात करने पर लगाया पाबंदी

राजनांदगांव। जिले में निषाद समाज ने वैवाहिक रिश्ते बंधने वाले युगलों पर इंटरनेट मीडिया में आपसी बातचीत पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। समाज के मुखिया और वरिष्ठों ने आज इसका फैसला सुनाया और उल्लंघन करने वालों पर सामाजिक कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।
रविवार को राजनांदगांव के कौरिनभांठा वार्ड स्थित भवन में निषाद समाज की बैठक हुई। मुद्दा था इंटरनेट मीडिया के चलते लगातार टूटते वैवाहिक रिश्तों के कारणों पर मंथन और समाधान। पिछले तीन महीनों में ऐसे चार मामले सामने आए, जिनमें रिश्ता तय होने के बाद लड़का-लड़की के बीच इंटरनेट मीडिया में बातचीत शुरू हुई। इसी दौरान दोनों में कई तरह के विवाद हुए और अंतत: रिश्ते टूट गए। लगातार सामने आते मामलों को देखकर अब समाज ने एक राय होकर तय किया कि ऐसे युगल, जिनकी शादी तय हो चुकी है, वे इंटरनेट मीडिया या फोन पर एक-दूसरे से विवाह तक कोई संपर्क नहीं रखेंगे। युगलों की बातचीत सिर्फ स्वजनों की उपस्थिति में ही होगी। इस फैसले के तहत अब ऐसी शिकायत सामने आने पर संबंधितों को दो बार समझाइश दी जाएगी। अगर इसके बाद भी यह जारी रहता है, तो सामाजिक स्तर पर ही कार्रवाई तय की जाएगी।
निषाद समाज के जिला अध्यक्ष द्रुपद निषाद ने बताया कि पहला मामला मनीषा और सूरज (बदला हुआ नाम) का विवाह तय हुआ। दोनों इंटरनेट मीडिया और फोन पर बातचीत करने लगे। इसके बाद सूरज अपने भांजे के जन्मदिन पर मनीषा को लेने उसके घर पहुंच गया। स्वजनों ने मना कर दिया। दोनों की फोन पर लड़ाई हुई। अंतत: रिश्ता टूट गया। दूसरा मामला गोविंद और सिमरन (बदला हुआ नाम) का रिश्ता एक माह पहले तय हुआ। इन दिनों में दोनों लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहे। कई बार सिमरन के फोन न उठाने पर गोविंद उससे लड़ाई करने लगा। फोन व्यस्त आने पर एक-दूसरे पर लांछन लगने लगे। विवाद बढ़ गया। मामला समाज के सामने आया। दोनों परिवारों ने संबंध विच्छेद कर लिया।






