सिंगरौली के चितरंगी में सोने की खदान से रोजगार और विकास की उम्मीद

सिंगरौली, जो देशभर में कोयला और विद्युत उत्पादन के लिए जानी जाती रही है, अब खनन के क्षेत्र में भी नया अध्याय शुरू करने जा रही है। जिले की चितरंगी विधानसभा में सोने की खदान मिलने की संभावना से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री और चितरंगी विधायक राधा सिंह ने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और चितरंगी को नई पहचान मिलेगी। सिंगरौली के चितरंगी क्षेत्र में प्रस्तावित गुरुहर पहाड़ स्वर्ण खनन ब्लॉक के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया तेज हो गई है और मेसर्स कुंदन गोल्ड माइंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति के तहत लोक सुनवाई आयोजित की गई। इसमें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एसडीएम चितरंगी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौजूद थे, जबकि लगभग 500 स्थानीय ग्रामीणों ने कार्यक्रम में भाग लिया। लोक सुनवाई के दौरान 149.30 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित स्वर्ण खनन परियोजना और 0.13 मिलियन टन प्रतिवर्ष उत्पादन क्षमता के बारे में जानकारी दी गई, साथ ही संभावित पर्यावरणीय प्रभावों पर चर्चा हुई और ग्रामीणों ने अपनी आपत्तियां और सुझाव रखे। अधिकारियों ने कहा कि सभी वैधानिक प्रक्रियाओं और पर्यावरणीय मानकों का पालन किए बिना कोई आगे की कार्रवाई नहीं होगी। मंत्री राधा सिंह ने इस उपलब्धि को सौभाग्य बताते हुए कहा कि खदान से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, और मेसर्स कुंदन गोल्ड माइंस प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ गौरव ने पुष्टि की कि परियोजना में सिंगरौली के लगभग 500 लोगों को नौकरी दी जाएगी। हालांकि मंत्री ने कहा कि ऑक्शन की प्रक्रिया और तारीख की उन्हें जानकारी नहीं है और अभी किसी भी कार्य की शुरुआत नहीं हुई है।







