भ्रष्टाचारियों का महिमामंडन और आदिवासियों का शोषण ही कांग्रेस का असली चरित्र : ठाकुर

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस का इतिहास आदिवासियों का अपमान करने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला रहा है। श्री ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की जनता देख रही है कि कैसे एक ओर भ्रष्टाचार के मामले में ज़मानत पर छूटे लोगों का ‘विजय जुलूस’ निकाला जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आदिवासी समाज के नेताओं का केवल राजनीतिक इस्तेमाल किया गया।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने बुधवार को यहाँ एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने सुपुत्र के भ्रष्टाचार के मामले में ज़मानत पर रिहा होने पर भव्य स्वागत और जुलूस निकलवा रहे हैं, लेकिन उसी भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद एक आदिवासी नेता की उन्होंने सुध तक नहीं ली। जब भाजपा ने इस दोहरे मापदंड पर सवाल उठाए, तब दबाव में आकर वे अगले दिन उनसे मिलने पहुँचे। श्री ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर कम पढ़े-लिखे आदिवासी नेतृत्व को मंत्री पद दिया ताकि उनके विभागों में ‘सिंडिकेट’ चलाकर भ्रष्टाचार किया जा सके, जबकि संतकुमार नेताम, मोहन मरकाम और लखेश्वर बघेल जैसे शिक्षित आदिवासी विधायकों को दरकिनार किया गया क्योंकि वे नियम-कानून समझते थे और भ्रष्टाचार में बाधक बन सकते थे।
ठाकुर ने कहा कि जाँच एजेंसियों की रिपोर्ट में स्वयं आदिवासी मंत्री ने यह स्वीकार किया है कि उन्हें पढ़ना-लिखना नहीं आता था और वे केवल उन कागज़ों पर हस्ताक्षर करते थे जो अधिकारी उनके पास लाते थे। यह स्पष्ट करता है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ने आदिवासी नेतृत्व को ‘मोहरा’ बनाकर उनके विभागों को गिरवी रख लिया था। कांग्रेस के इतिहास का हवाला देते हुए श्री ठाकुर ने कहा कि जब भी किसी जागरूक आदिवासी नेता ने आवाज़ उठाई, चाहे वे झुमुकलाल भेड़िया हों, अरविंद नेताम हों या महेंद्र कर्मा—उन्हें अपमानित कर हाशिये पर धकेल दिया गया या बाहर का रास्ता दिखाया गया। कांग्रेस ने आदिवासियों को केवल ‘वोट बैंक’ समझा है। श्री ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस जिस प्रकार का जश्न मना रही है, वह प्रदेश को गुमराह करने वाला है। न्यायालय ने केवल ‘ज़मानत’ दी है, उन्हें ‘बरी’ नहीं किया है। भ्रष्टाचारियों को ऊँचे पदों से नवाज़ना और उनका सम्मान करना कांग्रेस की पुरानी संस्कृति रही है।







