वन सेवा प्रशिक्षुओं को दिया गया डिजिटल टूल्स और फील्ड आधारित संरक्षण प्रशिक्षण

भारतीय वन सेवा अधिकारियों के लिए बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रशिक्षु अधिकारियों को आधुनिक तकनीकों, आईटी आधारित वन प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में अधिकारियों को डीज़ीपीएस आधारित सर्वेक्षण, “गज संकेत” मोबाइल एप्लिकेशन और अन्य डिजिटल टूल्स का व्यावहारिक उपयोग सिखाया गया, जिससे वे क्षेत्रीय स्तर पर सटीक डेटा संग्रह, हाथी मॉनिटरिंग, मानव–हाथी संघर्ष प्रबंधन और वन सर्वेक्षण जैसे कार्यों में सक्षम हो सकें। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने प्रशिक्षु अधिकारियों को आधुनिक तकनीक का उपयोग कर कौशल विकसित करने और छत्तीसगढ़ की वन संपदा की सुरक्षा के लिए सतत कार्य करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को बारनवापारा अभ्यारण्य के भौगोलिक, पारिस्थितिक और संरक्षण संबंधी विशेषताओं से अवगत कराया गया और वनभैंसा संरक्षण केंद्र, ब्लैकबक रिलोकेशन एवं ग्रासलैंड विकास क्षेत्रों सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराया गया, जिससे उन्हें संरक्षण कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला।







