किसान फसलों को बचाने के लिए सूख चुकी जुगानी नदी से पानी निकालने में हुए सफल

कोंडागांव। जिले में किसानों ने जल संकट से निपटने के लिए अनूठी पहल की है। भानपुरी पंचायत से गुजरने वाली जुगानी नदी के किनारे लगभग एक हजार किसान सक्रिय रूप से खेती कर रहे हैं। इन दिनों जुगानी पूरी तरह सूख चुकी है, किसानों ने नदी में जमा रेत को हटाकर पानी निकालने का रास्ता खोज निकाला है। नदी में दिख रहे बड़े-बड़े रेत के टीले अवैध खनन से नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत का नतीजा हैं।
उन्होंने रेत हटाकर पानी तक पहुंचने का रास्ता बनाया है। किसानों ने नदी की तलहटी में छिपे जलस्रोतों तक पहुंचने का तरीका खोजा है। वे रेत खोदकर छोटे-छोटे जलकुंड बना रहे हैं। इन जलकुंडों में धीरे-धीरे पानी रिसकर जमा हो रहा है। इस पानी से किसान अपनी फसलों की सिंचाई कर रहे हैं। भानपुरी के किसानों ने साबित कर दिया है कि मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती। जलस्तर नीचे जाने से पूरे जिले में पानी की किल्लत है। ऐसे में किसान अपनी फसलों को सूखने से बचाने के लिए सूखी नदी से भी पानी निकालने में सफल हुए हैं। यह पहल स्थानीय स्तर पर जल संकट से निपटने का एक प्रभावी समाधान साबित हो रही है। किसानों की यह पहल दिखाती है कि प्राकृतिक संसाधनों का समझदारी से उपयोग करके भी कृषि को बचाया जा सकता है।
भानपुरी के सरपंच सुभाष ने बताया किसान नदी की तलहटी में गहरी रेत वाली जगहों पर खुदाई करते हैं। नीचे से पानी रिसकर छोटे गड्डों में इक_ा हो जाता है। इस पानी को पंपों से खेतों तक पहुंचाया जाता है। यह तरीका किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। कई किसान जिनके पास बोरिंग उपलब्ध है वे बोरिंग के पानी से सिंचाई कर रहे हैं।
