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किसानों को प्रति एकड़ एक-एक बोरी डी.ए.पी., यूरिया का बंधन नहीं

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रायपुर।
छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुरूप एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में खरीफ सीजन हेतु सहकारी समितियों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों पर प्रति एकड़ एक-एक बोरी डी.ए.पी. या यूरिया लेने का कोई बंधन नहीं है।
छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के संग्रहण केंद्रों से समितियों में 10732 मे.टन यूरिया एवं 3927 मे.टन डी.ए.पी. भंडारित किया गया था। वर्तमान में जिले की समितियों में 9102 मे.टन यूरिया तथा 3092 मे.टन डी.ए.पी. खाद उपलब्ध है। उर्वरक भंडारण एवं वितरण का कार्य निरंतर जारी है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपनी तत्काल आवश्यकता के अनुसार उर्वरकों का उठाव करने एवं यूरिया तथा डी.ए.पी. के वैकल्पिक स्रोतों का उपयोग करने की अपील की है। विभाग ने कतिपय माध्यमों से उर्वरकों की कमी संबंधी फैलाई जा रही भ्रामक खबरों का खंडन किया है। विभाग ने कहा कि उर्वरकों का भंडारण एवं वितरण सतत प्रक्रिया है। जिले की सभी समितियों में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता है और उठाव के अनुसार पुन: भंडारण किया जाएगा।
शासन के निर्देशानुसार समितियों के माध्यम से कृषकों को गतवर्ष वितरित यूरिया का 80 प्रतिशत प्रदान किया जाएगा। शेष 20 प्रतिशत मात्रा पारम्परिक यूरिया की आपूर्ति होने पर दी जाएगी, अन्यथा नैनो यूरिया के रूप में प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार डी.ए.पी. की 60 प्रतिशत मात्रा दी जाएगी तथा शेष 40 प्रतिशत मात्रा अन्य वैकल्पिक एन.पी.के. उर्वरकों अथवा नैनो डी.ए.पी. के माध्यम से दी जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि नैनो उर्वरकों को लेने के लिए किसी भी किसान को बाध्य नहीं किया जाएगा। यह पूर्णत: वैकल्पिक होगा। 2.50 एकड़ तक भूमि वाले सीमांत कृषकों को निर्धारित यूरिया एकमुश्त, 2.50 से 5 एकड़ तक भूमि वाले लघु कृषकों को 02 किस्तों में एवं 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले बड़े कृषकों को 03 किस्तों में उपलब्ध कराया जाएगा।

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