किसानों के खेत पर बगैर अनुमति के खड़े किए बिजली टॉवर, नही मिला मुआवजा

जगदलपुर। बस्तर जिले में पॉवर ग्रिड कंपनी द्वारा परचनपाल से जयपुर तक विद्युत लाइन विस्तार के लिए बिजली के टॉवर लगाने का कार्य किया गया, जिसके तहत कई गांवों के किसानों की कृषि भूमि पर बगैर किसी अनुमति के बिजली टॉवर स्थापित कर दिए गए है ।
किसानों के खेत की जमीन पर बगैर अनुमति के बिजली के टॉवर खड़े किए जाने के बाद भी उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है । इस संबंध में किसान कांग्रेस अध्यक्ष दयाराम कश्यप ने किसानों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो किसानों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा ।
किसानों का आरोप है कि पॉवर ग्रिड कंपनी ने कई स्थानों पर बिना विधिवत अनुमति लिए खेतों में टॉवर खड़े कर दिए गये इसका विरोध करने पर किसानों को मुआवजा देने का आश्वासन देकर मामले को रफा-दफा करने का कार्य किया जा रहा है । कंपनी के अधिकारियों ने छह माह के भीतर मुआवजा देने की बात कही थी, लेकिन अब तक किसानों को कोई भुगतान नहीं मिला है । इससे प्रभावित किसान लगातार कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं ।
ग्राम उलनार, तारागुड़ा, जुनावनी, सरगीपाल सहित कई गांवों के किसानों का कहना है कि उनके खेतों में टॉवर लगाए जाने से खेती प्रभावित हो रही है, इसी संबंध में करीतगांव के किसान मित्र प्रहलाद प्रसाद पाण्डे ने कहा कि इसके बदले मिलने वाला मुआवजा अब तक अटका हुआ है । अपनी समस्या को लेकर किसान तहसील और एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, फिर भी कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। किसानों ने मांग की है कि पॉवर ग्रिड कंपनी द्वारा जिन जमीनों पर टॉवर लगाए गए हैं, उनका मुआवजा जल्द से जल्द दिया जाए ।







