टोल प्लाजा पर वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़े दस्तावेजों को होगी डिजिटली जांच, कटेगा चालान

जगदलपुर। केन्द्र सरकार ने वाहनों के बीमा, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (पीयूसी) एवं फिटनेस की अवधि समाप्त होने की जांच करने के लिए टोल प्लाजा पर ही ई-डिटेक्शन सिस्टम लगाने का कार्य शुरू किया गया है। इसमें फास्टैग स्कैन करते ही वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़े दस्तावेजों को डिजिटली जांच करता है, वाहन के दस्तावेज जैसे कि इंश्योरेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, रजिस्ट्रेशन या ड्राइविंग लाइसेंस में कोई भी कमी पाई जाती है तो टोल प्लाजा से निकलते ही चालान कट रहा है। पहले चरण में हाईवे के टोल प्लाजा पर ई-डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया है। इसके बाद स्टेट हाईवे के टोल प्लाजा पर इस सिस्टम को लगाने का कार्य शुरू किया गया है। इस तंत्र को सीधे परिवहन विभाग के सर्वर से जोड़ दिया गया है। अब राजमार्ग पर तो वाहन को कोई नहीं रोकेगा लेकिन गाड़ी का बीमा खत्म है, पीयूसी नहीं है या फिटनेस फेल है, तो टोल से गुजरते ही वाहन का चालान अपने आप कटेगा और मोबाइल पर संदेश आ रहा है। इसकी जानकारी परिवहन विभाग रायपुर के सहायक आयुक्त सीएल देवांगन ने दी है।
मिली जानकारी के अनुसार परिवहन विभाग के मुख्यालय की ओर से बस्तर जिले में लगभग आधा दर्जन कैमरे ग्रामीण क्षेत्र में भी लगाए गए और परिवहन विभाग से जोड़ा गया। उस मार्ग में आने-जाने वाले वाहनों को डिटेक्शन कर रहे हैं। परिवहन विभाग के उडऩदस्ता प्रभारी निरीक्षक पुष्पेन्द्र कुमार साहू ने बताया कि वाहनों की जांच के लिए बोरपदर, राजनगर, छेपड़ागुड़ा एवं बकावंड में कैमरे लगाए गये हैं, जो मुख्यालय से जुड़े हैं। वहीं दूसरी ओर वाहन के सभी दस्तावेजों जैसे प्रदूषण, बीमा और फिटनेस के टोल प्लाजा पर लगे कैमरे जांच कर रहे हैं, वाहनों के सभी कागजात वैध होने के बावजूद टोल प्लाजा से मोबाइल में ई-चालान कटने का मैसेज भेज रहे हैं। बस्तर के टोल प्लाजा से वाहन मालिकों को गलत ई-चालान मिलने की शिकायतें आ रही हैं, जिसमें 10 वाहन मालिकों ने जगदलपुर आरटीओ में शिकायत दर्ज कराई है। वाहनों के सभी कागजात वैद्य होने के बावजूद ई-चालान कटे हैं, जिससे वाहन मालिकों में असंतोष है।
संयुक्त कलेक्टर एवं क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी डीसी बंजारे ने बताया कि वाहन मालिकों द्वारा दिए गए शिकायतों को परिवहन विभाग के मुख्यालय भेज दिया गया है। इसका निराकरण मुख्यालय से ही होगा।







