डीएफओ हटाए गए, वन मंत्री केदार कश्यप ने दिए सख्त निर्देश

बीजापुर जिले में हुए तेंदूपत्ता अग्निकांड को लेकर वन मंत्री केदार कश्यप ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। वनवासियों और तेंदूपत्ता संग्राहकों की मेहनत की कमाई को भारी नुकसान पहुंचाने वाली इस घटना पर तुरंत संज्ञान लेते हुए बीजापुर के वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) रमेश कुमार जांगड़े को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है और उन्हें प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय रायपुर में अटैच किया गया है। वहीं, उनके स्थान पर तेंदूपत्ता संग्रहण एवं प्रबंधन में अनुभवी अधिकारी जाधव सागर रामचंद्र को बीजापुर का नया डीएफओ नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई को सरकार का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि वनवासियों के हितों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री कश्यप ने कहा कि तेंदूपत्ता केवल वन उपज नहीं बल्कि हजारों आदिवासी परिवारों की आजीविका का आधार है, इसलिए उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के निर्देश दिए हैं, साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया है। घटना में करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का प्रारंभिक अनुमान लगाया गया है और विस्तृत जांच जारी है।







